फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ में स्थापित हों हाईकोर्ट बेंच और एम्स : डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी

विज्ञापन
मोहनपुरी स्थित आवास पर पत्रकार वार्ता करते भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत
विज्ञापन
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दशकों पुरानी मांग को दोहराते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच और एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से क्षेत्रीय संतुलन के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नया एम्स स्थापित करने का अनुरोध किया है। वहीं, प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है कि पश्चिमी जिलों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन




मोहनपुरी स्थित अपने आवास पर सोमवार को पत्रकार वार्ता में सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच और एम्स स्थापना को आवश्यक बताया। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ हुई राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक में इन दोनों महत्वपूर्ण मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। डॉ. वाजपेयी ने राज्य में पहले से मौजूद विश्वस्तरीय संस्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि रायबरेली, गोरखपुर में एम्स, लखनऊ में केजीएमयू, पीजीआई, राममनोहर लोहिया अस्पताल और बनारस में बीएचयू जैसे संस्थान हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए पश्चिमी यूपी में एक नए एम्स की स्थापना का आग्रह किया है।



एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में एम्स की संभावना



सांसद डॉ. वाजपेयी ने बताया कि मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में 51 एकड़ भूमि खाली पड़ी है। इस पर एक पीजीआई या एम्स की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पांच करोड़ रुपये की लागत से एक कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें सरकारी उपक्रम हुडको साढ़े तीन करोड़ रुपये और उनकी सांसद निधि से डेढ़ करोड़ रुपये का योगदान देगी। उपकरणों की व्यवस्था केंद्र सरकार करेगी। संचालन राज्य सरकार के हाथों में होगा। दिल्ली एम्स में प्रतिदिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छह से सात हजार मरीजों के जाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में एम्स का एक सेटेलाइट सेंटर बनाया जा सकता है। यहां एम्स के डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों का इलाज संभव हो सके।
विज्ञापन




इलाहबाद हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों में 63 फीसदी वेस्ट यूपी के
डॉ. वाजपेयी ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मुकदमे उच्च न्यायालय में जाते हैं लेकिन स्थायी खंडपीठ के अभाव में लोगों को न्याय के लिए दूर जाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से पश्चिमी जिलों को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध करने का अनुरोध किया है। सरकार ने खंडपीठ बदलने में होने वाले खर्च के प्रावधान की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि 50 साल पुरानी हाईकोर्ट बेंच की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित 10 लाख 33 हजार मुकदमों में से 63 प्रतिशत मुकदमे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। डॉ. वाजपेयी ने सुझाव दिया कि प्रदेश में हाईकोर्ट की चार नई बेंचें स्थापित की जानी चाहिए। इससे कुल छह बेंचे हो जाएंगी और क्षेत्रीय संतुलन कायम होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेश के बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश देकर मेरठ में ई-फाइलिंग सेंटर बनाने के काम को रोक दिया है।

मोहनपुरी स्थित आवास पर पत्रकार वार्ता करते भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें