बार एसोसिएशन की बैठक में वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बैंच को लेकर जल्द अहम फैसला लेने का निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जम्मू कश्मीर के लद्दाख और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की केंद्र सरकार की घोषणा को लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में बेहद आक्रोश है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस निर्णय को इस क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव वाली रणनीति होना बताया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर जल्द रणनीति बनाकर अहम निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और संचालन महामंत्री परवेज आलम ने किया। बैठक में वक्ताओं ने अपने-विचार रखे। कुछ अधिवक्ताओं का मानना था कि इस आंदोलन को लेकर पैदल यात्रा की जानी चाहिए।
कुछ का मानना था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों का विरोध करना चाहिए। सभी ने प्रमुखता से बेंच नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किए जाने की बात कही। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव वाली राजनीति का कठोर विरोध किया और इस मामले में निर्णायक जंग लड़ने की बात कही
बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक कर कठोर निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में पूर्व अध्यक्ष महेंद्र पाल शर्मा अजय त्यागी अनिल कुमार बख्शी गजेंद्र सिंह धामा सतीश चंद्र गुप्ता अशोक कुमार शर्मा उदयवीर सिंह राणा धीरेंद्र दत्त शर्मा मांगेराम कौरपाल शर्मा संजय शर्मा पूर्व महामंत्री देवकीनंदन नरेश शर्मा विनोद चौधरी अमित कुमार दीक्षित राजेंद्र सिंह राणा वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल जब्बार खान नेपाल सिंह सॉन्ग चरण सिंह यादव वीरेंद्र सिंह सिरोही उपस्थित रहे।