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हेरिटेज ही नहीं शोध का भी हब है मेरठ कॉलेज, विजयंत टैंक बढ़ाता है शान

Wed, 29 Aug 2018 10:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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file - फोटो : amarujala
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वेस्ट यूपी का ऐतिहासिक मेरठ कॉलेज शोध और प्रोजेक्ट का हब बन गया है। पिछले सालों में अकेले मेरठ कॉलेज से 522 शोध कार्य कराए गए हैं। वेस्ट यूपी के किसी भी कॉलेज का शोध में इतना योगदान नहीं रहा है। प्रोजेक्ट के मामले में भी मेरठ कॉलेज सबसे ऊपर है। यहां पर दो करोड़ 62 लाख रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अपनी इन्हीं खूबियों के दम पर मेरठ कॉलेज 14 और 15 सितंबर को होने वाले नैक निरीक्षण में ए ग्रेड पाने के लिए तैयारियों में जुटा है। 

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1892 में स्थापित हुए मेरठ कॉलेज में 10 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। बिल्डिंग की बात करें तो मेरठ कॉलेज का जवाब नहीं है। यहां की हेरिटेज बिल्डिंग की वजह से ही साल 2015 में विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) की तरफ से मेरठ कॉलेज को एक करोड़ 38 लाख रुपये की ग्रांट जारी की थी। हेरिटेज बिल्डिंग की ग्रांट पाने में यूपी के दो ही कॉलेज शामिल थे। इस ग्रांट से जूलॉजी विभाग में जूलॉजी म्यूजियम बन चुका है। कला विभाग में आर्ट गैलरी बन चुकी है।

केमेस्ट्री में पीएन बैनर्जी लैब और आरडी हॉस्टल की बिल्डिंग के सामने हिस्ट्री म्यूजियम का काम चल रहा है। कॉलेज में शोध की बात करें तो 2012 से 2018 के बीच 522 पीएचडी अवार्ड हो चुकी हैं। विषय वाइज बात करें तो मैथ में 14, उर्दू में 09, जूलॉजी में 31, राजनीति शास्त्र में 19, डिफेंस स्ट्डीज में 24, अंग्रेजी में 36, भूगोल में 18, साइकोलॉजी में 14, लॉ में 33, फिजिक्स में 12, हिंदी में 13, संस्कृत में 10, स्टेटिक्स में 12, फिलॉसपी में 06, सोशोलॉजी में 12, इकोनॉमिक्स में 16, इतिहास में 08, कॉमर्स में 51, ड्रॉइंग में 17, बॉटनी में 33, केमेस्ट्री में 61, एजुकेशन में 55 और भूगोल में 18 पीएचडी अवार्ड हुई हैं। 

फेकल्टी मेंबर द्वारा 2012 से 2018 के बीच 150 बुक्स का पब्लिकेशन हुआ है। 300 रिसर्च पेपर पब्लिश कराए गए। कॉलेज में एक करोड़ 60 लाख रुपये के 24 रिसर्च के मेजर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें से 10 अकेले डिफेंस स्ट्डीज विभाग में हैं। 34 नेशनल सेमिनार कराई गईं जिनमें से 10 डिफेंस स्ट्डीज विभाग द्वारा आयोजित कराई गईं। मेरठ कॉलेज में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट डिफेंस स्ट्डीज के एसोसिएट प्रोफेसर संजय कुमार के पास 25 लाख रुपये का है। 
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कॉलेज में हैं पांच स्टार डिपार्टमेंट 

मेरठ कॉलेज के नाम एक और बड़ी उपलब्धि है। यहां के पांच डिपार्टमेंट को स्टार का दर्जा मिला हुआ है। इनमें जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स, केमेस्ट्री और डिफेंस स्ट्डीज डिपार्टमेंट हैं। इसके साथ ही पांच विभागों को एक करोड़ चार लाख का प्रोजेक्ट मिला है। इसे जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स, केमेस्ट्री और स्टेटिक्स विभाग को मिलकर काम करना है। कॉलेज के दो शिक्षकों साइकोलॉजी के डॉ. अखिलेश चंद वशिष्ठ और डिफेंस स्टडीज के डॉ. हरवीर सिंह को यूजीसी ने एमेरिटस फेलोशिप दी है। ये बहुत ही कम रिटायर शिक्षकों को दी जाती है। कॉलेज 2006 से यूजीसी से कॉलेज फॉर पोटेंशियल एंड एक्सीलेंस का दर्जा पाए हुए है। इसके लिए पांच डिपार्टमेंट को अलग से ग्रांट आती है।  

14 और 15 अगस्त को होना है नैक टीम का निरीक्षण 
आईक्यूएसी के मेंबर डॉ. नीरज कुमार, डॉ. अजय चौहान, डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रगति रस्तोगी, डॉ. नीलम कुमारी और डॉ. राजीव राठौर के निर्देशन में कॉलेज में 14 और 15 अगस्त को नैक टीम के निरीक्षण के दौरे को लेकर कॉलेज की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। 

बड़ा है मेरठ कॉलेज का इतिहास 
मेरठ कॉलेज का बड़ा इतिहास रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह हों या डॉ. मुरली मनोहर जोशी। भारतीय सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत हों या फिर नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल। देश को कॉलेज ने तमाम बड़े नेता, आईएएस, आईपीएस, जज और शिक्षक दिए हैं। डिफेंस विभाग में खड़ा सेना का विजयंत टैंक कॉलेज की शान बढ़ाता है। 
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