लॉकडाउन के समय लोग बंदरों को फल, चना खिला रहे हैं।
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हस्तिनापुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से हुए लॉकडाउन में इंसान से लेकर जानवर तक परेशान हैं। उन्हें भी पेट भरने के लिए खाना नहीं मिल पा रहा है। इस समय मंदिरों के कपाट बंद हैं, लोग घरों में है। जिसके चलते क्षेत्र में सैकड़ों बंदरों के सामने खाने का संकट है। हालांकि कुछ समाजसेवी संगठन उन्हें खाना उपलब्ध कराने में भरकस प्रयास कर रहे हैं। परंतु बंदरों की तादात के सामने यह प्रयास छोटा है। ऐतिहासिक नगरी में मौजूद दर्जनों मंदिरों से लेकर कस्बे तक इनकी बहुत आबादी है। बंदरों के झुंड खाने की तलाश में भटकते नजर आते हैं। कस्बे में हर रोज बंदरों की टोलियों को कोई चना, फल और पूड़ी खिलाता नजर आ रहा है। श्री श्वेतांबर जैन मंदिर के प्रबंधक तेजपाल सिंह सैकड़ों दर्जन केले मंगाकर हर रोज बंदरों का पेट भरने में मदद कर रहे हैं। तेजपाल सिंह के मुताबिक संकट की घड़ी में हमें जानवरों का भी ख्यान रखना जरूरी है। जो ज्यादातर इंसानों पर निर्भर होते हैं। सभी को इस कार्य में आगे आना चाहिए।