टंकी पर चढ़े अशोक को नीचे उतारते लोग।
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पुलिस प्रशासन में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति कमिश्नरी के सामने पानी की टंकी पर जान देने के लिए चढ़ गया। एसपी सिटी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। दो घंटे तक चली अफरातफरी के बाद पुलिस ने किसी तरह पीड़ित को समझाते हुए टंकी से उतारा। पीड़ित अपने बेटे की मौत के आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर दो साल से कलक्ट्रेट में परिवार के साथ धरना दे रहा था।
दायमपुर, कंकरखेड़ा निवासी विपिन एक स्कूल से दसवीं की पढ़ाई कर रहा था। करीब दो साल पूर्व कंकरखेड़ा पुलिस ने विपिन को पर्स चोरी के आरोप में थाने में बेरहमी से पीटते हुए उसे थर्ड डिग्री दी थी। पैसों की मांग पूरी न होने पर पुलिस ने जेल भेजने की भी धमकी दी थी। थाने में छात्र की हालत बिगड़ी तो पुलिस उसे रास्ते में फेंक आयी। पुलिस की प्रताड़ना से छात्र ने 1 जुलाई को केरोसिन डालकर आग लगा ली थी।
बुरी तरह झुलसे छात्र की दस जुलाई को मौत हो गई थी। जिसके बाद दो सिपाहियों के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में जांच में दोनों सिपाहियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। बेटे की मौत के बाद पिता अशोक पूरी तरह से टूट गया। बेटे को इंसाफ और आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर घटना के बाद से परिवार के साथ कलक्ट्रेट में धरना दे रहा था। बुधवार को अशोक के सब्र का बांध टूट गया। पहले उसने तेल छिड़क कर आग लगाने की चेतावनी दी। फिर कमिश्नरी के बाहर पानी की टंकी पर चढ़ गया। एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार और इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा ने करीब दो घंटे तक अशोक को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह कूदने की बात कहता रहा।
जब भी कोई पुलिस कर्मी अशोक को उतारने के लिए टंकी पर चढ़ने की कोशिश करता, तभी वह ऊपर से छलांग लगाने के लिए झांकने लगता। पुलिस अपने कदम पीछे हटा लेती। बाद में एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उसकी मांग लखनऊ तक भेजेंगे। सीओ व एसपी सिटी ने माइक से भी समझाया। जिसके बाद अशोक को टंकी से उतारा गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन का कहना है कि आत्महत्या की कोशिश करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।