शामली जनपद के कस्बा एलम निवासी वायुसेना में कार्यरत टेक्निकल इंजीनियर गौतम पंवार की शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में तवांग के नजदीक उड़ान भरने के दौरान हादसे में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गौतम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना की जानकारी मिलने पर पूरा गांव गौतम के घर की ओर दौड़ पड़ा। गौतम के परिवार का हाल देख पूरा गांव शोक में डूबा हुआ हैं।
चार दिन पूर्व जब गौतम पंवार ने फोन पर अपनी मां मुनेश से बातचीत की, तब मां ने कहा था कि बेटा दीपावाली पर घर आओगे, तब गौतम ने कह दिया था कि मम्मी छुट्टी नहीं मिल पाएगी, इसलिए मैं दीवाली पर घर नहीं आऊंगा। शुक्रवार को जब गौतम के शहीद होने की खबर मिली, तो मुनेश को गहरा सदमा लगा। बार बार बेटे को याद कर फफकने लगी और बेहोश तक हो गई।
कस्बा एलम निवासी फ्लाइट इंजीनियर गौतम पंवार के शहीद होने से परिवार को गहरा झटका लगा है। परिवार में मां मुनेश का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य उन्हें संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह बार बार बेटे को याद कर फूट-फूटकर रोने लगती है। शुक्रवार को जैसे ही कंपनी कमांडर ने कॉल करके गौतम के शहीद होने की सूचना परिजनों को दी, तो मां परिवार पर कहर ही पहाड़ ही टूट पड़ा। मां मुनेश की आंखों से आंसू फूट पड़े और दहाड़े मारकर रोने लगी। मुनेश रोते हुए बार बार यही कहती रही कि मेरे लाल तेरे लिए तो बहुत सारे सपने संजो रखे थे, अब तो सब उजड़ गया।
परिवार के लोगों ने बताया कि चार दिन पूर्व ही गौतम ने फोन पर अपनी मां मुनेश और अन्य लोगों से बातचीत की थी। दरअसल, परिवार के लोग नवंबर माह में गौतम की सगाई करने की तैयारी कर रहे थे। शादी के लिए लड़की देख ली गई थी, बस गौतम के घर आने का इंतजार था।
दो दिन पूर्व ही रिश्ता तय हुआ था
गौतम पंवार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के लोगों ने गौतम की शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। मेरठ निवासी एक परिवार की लड़की देखने के बाद रिश्ता तय कर दिया था। दो दिन पूर्व ही मेरठ से लड़की के परिवार वाले एलम आए थे और गौतम के परिवार से मुलाकात करने के बाद रिश्ता पक्का करके चले गए थे। दोनों परिवारों ने तय किया था कि नवंबर माह में सगाई करा दी जाएगी, लेकिन गौतम के परिवार का यह सपना अधूरा रह गया।
एलम के लोगों में छाया शोक
गौतम की शहादत पर परिवार में जहां कोहराम मचा हुआ है, वहीं कस्बा एलम के लोगों में शोक छाया हुआ है। पीड़ित परिवार के घर पहुंचे हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। जिस बेटे को बड़े नाज से पाला, पढ़ाया और इस काबिल बनाया, वह इस दुनिया को अलविदा कह चुका था।
गौतम की निपुणता के मुरीद हैं अफसर
एयरफोर्स के कंपनी कमांडर शिवकुमार ने फोन पर बातचीत में बताया कि इंजीनियर गौतम बहुत ही होशियार और अपने कार्य में निपुण थे। वह अपने ग्रुप में अकेले ऐसे अधिकारी थे, जो समय से पूर्व ही अपना कार्य पूर्ण करके रिपोर्टिंग करते थे। उनकी इस निपुणता की हर अधिकारी ने सराहना की थी। गौतम की शहादत की भरपाई होना मुमकिन नहीं है।
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