मवाना में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि।
- फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर/मवाना/माछरा(मेरठ)। तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार दोपहर शुरू हुई बारिश ने शाम को तेवर दिखाए। तेज बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश से गेहूं को फायदा तो आलू, मटर, सरसों जैसी फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। वहीं गन्ने की छिलाई भी बंद हो गई। कोल्हुओं पर भी ईंधन गीला हो गया।
हस्तिनापुर क्षेत्र में गन्ना छिलाई का काम प्रभावित हुआ। दोपहर में शुरू हुई बारिश से कीचड़ हो गई। जिससे बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्रॉली खेतों में फंस गए। किसानों के मुताबिक बारिश से कई बार गन्ने की छिलाई प्रभावित हो चुकी है। वहीं, मिल पर्ची देने को तैयार नहीं है। वहीं बारिश से समस्या बनी है। गंगा किनारे रेतीले मैदान में गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। गेहूं किसानों के मुताबिक उन्हें गेहूं में कई बार सिंचाई करनी पड़ती थी, पर बारिश ने सिंचाई का खर्चा घटना दिया है। हस्तिनापुर के स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. ओमवीर सिंह के मुताबिक बेमौसम बरसात किसानों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो रही है परंतु सरसों की फसल इससे प्रभावित हो रही है। अभी आने वाले तीन चार दिनों तक बूंदाबांदी के आसार बने रहेंगे। वहीं, मवाना में शाम के समय ओलावृष्टि हुई। जिससे लोगों को परेशानी हुई। लोगों ने हवा और तेज बारिश से ठंड का अहसास किया। कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई। माछरा व मुंडाली क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई। कृषक प्रमोद, राकेश, वसीम, आरिफ ने बताया कि बारिश से आलू की खुदाई व गन्ने की छिलाई बंद हो गई है। वहीं, सरधना में हल्की बारिश हुई। जिससे कुछ रास्तों पर कीचड़ हो गया। लोगों को परेशानी हुई।
तेज बारिश के साथ आसमान में चमकती बिजली।- फोटो : MAWANA
घने बादलों के साथ तेज बारिश में वाहन चालकों को हेडलाइट ऑन कर चलना पड़ा। - फोटो : MAWANA