फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल, किडनी, शुगर और सांस के मरीज रखें इन विशेष बातों का ध्यान, ये रहे उपाय

Sun, 11 Jun 2017 03:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
दिल की बीमारी
विज्ञापन
अगर आपके घर में किसी को दिल, किडनी, शुगर और सांस जैसी बीमारी है तो इन विशेष बातों का आवश्य ध्यान रखें। साथ ही इन बीमारियों की रोकथाम के लिए उपाय जरूर पढ़ें...
विज्ञापन


 
जून का महीना चल रहा है, जिसमें गर्मी अपने तेवर में है। ऐसे में जरा सी लापरवाही आपको हीट स्ट्रॉक का शिकार बना सकती है। दिल, किडनी, शुगर और सांस के मरीजों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक है, जिनको खास अहतियात बरतने की जरूरत है। यानी जरा सी लापरवाही सेहत के साथ ही जिंदगी पर भी भारी पड़ सकती है।  
    
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि जिस तरह की गर्मी इन दिनों पड़ रही है। उसमें हीट स्ट्रॉक होने का खतरा बढ़ जाता है। बताया कि हाई ब्लडप्रेशर, दिल के रोगियों, डायबिटीज यानी शुगर के मरीजों, सांस के मरीजों, मजदूरों, खेतों में काम करने वालों, भट्टों पर काम करने वालों, ड्राइवरों और फील्ड में अधिक काम करने वालों को हीट स्ट्रॉक होने का सबसे अधिक खतरा रहता है। मगर यदि हम कुछ अहतियात बरतें तो हीट स्ट्रॉक के खतरे से बच सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हीट स्ट्रॉक की रोकथाम और उपचार

किडनी फेल होने पर उपाय
हीट स्ट्रॉक की रोकथाम और उपचार       
-लगातार फील्ड में काम करने वालों को हर एक घंटे में एक लीटर नींबू पानी, शिंकजी या ओआरएस का घोल पीना चाहिए।       
-आफिस और फील्ड में समान अनुपात में काम करने वालों को हर घंटे आधा लीटर लिक्विड पदार्थ लेना चाहिए।       
-सुविधायुक्त ऑफिस में काम करने वालों को हर घंटे ढाई सौ मिलीलीटर लिक्विड लेना चाहिए।       
-गांव और देहात में हीट स्ट्रॉक आने पर मरीज के शरीर पर तब तक इंडी पट्टी बांधें, जब तक तापमान 101 डिग्री से नीचे न आ जाए।       
-यदि किसी मरीज के मुंह से लिक्विड देना संभव न हो तो नॉर्मल ग्लूकोज चढ़ाया जा सकता है।       
-गर्मियों में सफर के दौरान चश्मे, हेलमेट या सिर पर कपड़ा रखकर चलें।       
-ढीले और हीट से बचाने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनें।       
-फील्ड में काम करते चक्कर आने पर गिरने वाले व्यक्ति के पैर ऊपर की ओर कर दें, जिससे गर्मी दिमाग में न चढ़े।       
     
हीट स्ट्रॉक के लक्षण      
-शरीर के तापमान का तेजी से बढ़ना।       
-दौरे पड़ना और शरीर का लगतार तपना।       
-गफलत में मरीज का उल्टा सीधा बोलना।       
-ब्लडप्रेशर का काफी नीचे आ जाना।       
-चौथी और पांचवीं स्टेज में कोमा में चले जाना।       
-कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होना।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें