यूपी के मेरठ में अप्रैल से अगस्त तक लिए गए खाद्य पदार्थों के 254 सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से 112 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से 46 मामलों में केस दर्ज किया था, जिनमें अपर जिलाधिकारी कार्यालय में सुनवाई हुई और 11 लाख 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
21 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। मिलावट के जिन मामलों में जुर्माना लगाया गया है, उनमें रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, दूध खोया-मावा, दही और मिठाई आदि के मामले थे।112 में से 9 मामले असुरक्षित, 13 अधोमानक और 90 मिथ्याछाप के हैं।
ये कमी मिली
खोया-मावा: मिल्क फैट कम पाया गया
घी: तिल के तेल की मिलावट
नमक: आयोडीन की मात्रा कम
नमकीन: मेटानिल येलो रंग की मिलावट
बर्फी: चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क
सरसों का तेल: लेबल मानक के अनुरूप नहीं
दूध: पानी की मिलावट