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Meerut News: इमरजेंसी में गंभीर मरीज़ों के लिए लगेंगे विशेष बेड, ताकि न गिरें

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इमरजेंसी में गंभीर मरीज़ों के लिए लगेंगे विशेष बेड, ताकि न गिरें

मेडिकल प्रबंधन की मीटिंग में किया गया तय, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

मेडिकल इमरजेंसी में फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ युवक का मामला


माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर गिरे मिले सूरज के मामले में लापरवाही करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को उन पर कार्रवाई हो सकती है। दूसरी तरफ मेडिकल प्रबंधन की मीटिंग में तय किया गया है की सिर की चोट वाले गंभीर मरीजों के लिए विशेष बेड इमरजेंसी में लगाए जाएंगे, जिनमें चारों तरफ सपोर्ट लगा होगा, ताकि मरीज़ बेड से न गिर सके।
मेडिकल सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह पता किया जा रहा है की इमरजेंसी में उस समय किन-किन स्टाफ की ड्यूटी थी। वह ड्यूटी पर थे या नहीं। जो ड्यूटी पर नहीं थे, वह क्यों नहीं थे। और जो ड्यूटी पर थे उन्होंने लापरवाही क्यों की। इस मामले में कई चिकित्सीय स्टाफ पर गाज गिरना तय है। घायल को आपातकालीन विभाग में भर्ती कराने वाले 4 छात्र अशोकपुरी में उसके घर और परिवार वालों को तलाश रहे हैं। अभी तक उनका पता नहीं चल पाया है।
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घायल की हालत स्थिर, नहीं पहुंचे परिजन
घायल सूरज की हालत स्थिर है। वह न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड नँबर 34 पर भर्ती है। इलाज न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. दिनेश सिंह कर रहे हैं। वह अपने बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बता पा रहा है। उसके परिवार से भी कोई मेडिकल नहीं पहुंचा है। प्रमुख अधीक्षक डॉ धीरज बालियान ने बताया कि तीमारदार ने होने के कारण कई बार पट्टी से उनके पैर भी बेड से बांधने पड़ते हैं, ताकि वह बेड से ना गिर जाएं। सर में गंभीर चोट लगने वाले मरीजों में बेड से उठकर चलने की स्थिति रहती है।
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यह है मामला
सोमवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए थे। इनमें दिख रहा था कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर एक युवक गिरा हुआ था। उसकी कोई सुध नहीं ले रहा था। उसके शरीर से खून रिस रहा था और कपड़े भी रक्तरंजित थे।वीडियो को सूबे के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को टैग किया गया था। इससे हड़कंप मच गया था। जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही प्राचार्य ने कमेटी का गठन किया है, जो तीन दिन के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट देगा कि इलाज में लापरवाही क्यों की गई। घायल ने अपना नाम सूरज पुत्र संगतराम निवासी अशोकपुरी, उम्र लगभग उम्र 30 वर्ष बताया था।
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