मेरठ में शनिवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गढ़ रोड, नौचंदी, और मेरठ कॉलेज के आसपास स्थित पैथोलॉजी लैबों में जाकर जांच पड़ताल की। अलग-अलग स्थानों पर 15 लैबों को टीम ने जांच की। जांच में पता चला की बिना डॉक्टर के ही लैब चल रही थीं। लैब में टेक्निशयन भी नहीं थे। चार लैब सील कर दी गईं है। जबकि दो लैब को नोटिस दिया गया है।
जिलाधिकारी के. बालाजी ने के निर्देश पर सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने यह कार्रवाई की गई है। जिसमें जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया की जांच में लैब मानकों के खिलाफ चलती मिली हैं। वहीं डॉक्टर व टेक्नीशियन न होने के कारण और भी बड़ी लापरवाही सामने आई। आगे भी यह अभियान चलाया जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधकारी मेरठ को भेजी जा रही है।
जांच में सामने आया है कि लैब अवैध तरह से संचालित की जा रही थी। जहां ब्लड, शुगर, वायरल और अन्य बीमारियों को लेकर सैंपल टेस्ट के लिए तीन गुना तक पैसा वसूला जा रहा था। मौके पर मिले कर्मचारी कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे सके। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। जिसमें गुडविल लैब, न्यूलाइफ लैब, मेट्रोपॉलिज कलेक्शन सेंटर, मोल्यूकर कलेक्शन सेंटर को सील कर दिया गया है। वहीं अन्य दो लैब के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।