मेरठ। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। योजना के तहत पात्रों के बनाए गए कुछ आरोग्य कार्ड बिना पते के ही जारी कर दिए गए हैं। कार्ड पार्षदों के पास पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ।
वार्ड 53 की पार्षद निधि शर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्ड उनके यहां देकर गए हैं। उन कार्डों पर नाम तो हैं, लेकिन कार्ड धारक का पता अंकित नहीं है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन ने जिस कंपनी से यह कार्ड बनवाए हैं, उससे लापरवाही हुई है। उसने बिना पता लिखे ही कार्ड जारी किए हैं।
अभी तक गांवों में 18 हजार कार्ड बांट दिए गए हैं, जबकि शहर के 21 हजार कार्ड बांटे जाने हैं। पार्षद स्थानीय स्तर पर पात्रों का पता लगाकर इन कार्डों को बंटवा सकते हैं। जिन पात्रों का पता नहीं चला पाएगा, उनके कार्ड लखनऊ वापस भेजे जाएंगे। कोशिश की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा कार्ड पार्षद, आशा आदि की मदद से बांट दिए जाए।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना
आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई है। इसमें उन लोगों को शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाए है, लेकिन उसकी पात्रता रखते हैं।