टीपीनगर थाना क्षेत्र की चंद्रलोक कॉलोनी निवासी अश्वनी पुत्र जतन लोधी टेंपो चालक एवं मलियाना टेंपो यूनियन का प्रधान था। वह बेगमपुल से मलियाना तक टेंपो चलाता था। उसकी 22 फरवरी की माधवपुरम निवासी युवती के साथ शादी तय हुई थी। 12 जनवरी की दोपहर टीपीनगर के इरा मॉल चौकी प्रभारी राजदेव पूनिया और अन्य पुलिसकर्मी मलियाना पुल के नीचे पहुंचे।
आरोप है कि दरोगा राजदेव पूनिया ने गाली गलौज की और टेंपो के चालक अश्वनी से पांच हजार रुपये की मांग की। टेंपो चालक और अन्य लोगों ने दरोगा पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। दरोगा ने युवक को थप्पड़ जड़ दिया और उसे मर जाने के लिए कहा। पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर अश्वनी लोधी ने अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकाला और बोतल में भरकर खुद को आग लगा ली।
परिजनों का कहना है कि दरोगा ने न तो ख्ुाद अश्वनी की जान बचाई, न ही आसपास के लोगों को बचाने दिया। जिसके बाद युवक को गंभीर हालत में बागपत रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुस्साई भीड़ ने टीपीनगर थाने से लेकर अस्पताल तक जमकर बवाल काटा। गंभीर हालत में युवक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
इस मामले में आरोपी चौकी इंचार्ज राजदेव पूनिया को निलंबित करते हुए विभागीय जांच बैठा दी। युवक के भाई पीयूष ने टीपीनगर थाने में दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। शनिवार तड़के दिल्ली के अस्पताल में अश्वनी की मौत हो गई। शाम को परिजन शव लेकर घर पहुंचे।
परिजनों ने बिलखते हुए कहा कि यदि दरोगा का जेल नहीं भेजा गया तो उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा। दरोगा की दबंगई के चलते अश्वनी ने ऐसा कदम उठाया। इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता तुषार गुप्ता ने सीएम और डीजीपी को टवीट् कर दरोगा पर कार्रवाई की मांग की।