बताया गया कि उन्होंने जवान के साथ अभद्रता शुरू कर दी। शोरशराबा सुनकर हेड कांस्टेबल ने तीनों युवकों को अपने पास बुलाया। युवकों ने आते ही उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। उनके ऊपर तीनों हमलावरों ने ईंटें भी फेंकीं। इसमें वे बाल-बाल बच गए। हेड कांस्टेबल मोबाइल पर कोतवाली में सूचना देने लगा तो हमलावरों ने उसका मोबाइल छीन लिया और मारने की धमकी देकर भाग निकले।
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सूचना पर रात्रि में पहुंची पुलिस ने स्कूटी सवार हमलावरों की तलाश की। लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि हेड कांस्टेबल और पीआरडी जवान के साथ रात में यह घटना हुई है। स्कूटी के नंबर से हमलावरों की तलाश की जा रही है। जल्दी ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे बने शोपीस
जिले में जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों की सुरक्षा कौन करेगा। जनपद में मुख्य स्थानों पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, लेकिन ये कैमरे मात्र शोपीस बनकर रह गए है। राष्ट्र वंदना चौक, बड़ौत में दिल्ली बस स्टैंड पुलिस चौकी पर सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े है। यदि कैमरे चालू होते तो हमलावरों की पहचान हो जाती। खराब पड़े कैमरों को ठीक तक नहीं कराया जा रहा है।
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पहले भी पुलिस कर्मियों पर हो चुके हैं हमले
जिले में पुलिस कर्मी पर हमले की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार पुलिस पर हमले हो चुके हैं। बड़ौत में कई साल पूर्व औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी पर रात्रि में तैनात पुलिस कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। बागपत में राष्ट्र वंदना चौकी पर 20 दिन पहले ई-रिक्शा चालक ने पीआरडी जवान के साथ हाथापाई की।