मेरठ पुलिस ने मंगलवार को ऐसा गैंग पकड़ लिया है, जिसका नेटवर्क मेरठ के अलावा लखनऊ, बिजनौर और वेस्ट यूपी के कई जिलों में फैला हुआ है। गैंग के बदमाश डकैती या लूट की वारदातों के दौरान लूटा हुआ सामान स्कूलों या मदरसों में किराये के कमरों में रखते थे।
चार आरोपियों को हिरासत में लेते हुए पुलिस ने उनके कब्जे से तीन कार, दो बाइक और 20 लाख रुपये का सामान बरामद किया है। एसएसपी का कहना है कि गिरोह के फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आधिकारिक खुलासे के बाद कई संगीन वारदातों का भी पता चल पाएगा।
शास्त्रीनगर सेक्टर-9 निवासी रिटायर बैंक ऑफिसर ललित मोहन शर्मा के घर पर हुई डकैती की वारदात को सुलझाने के लिए डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी डीसी दूबे ने नौचंदी थाना पुलिस की सहायता के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया था। सोमवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर नौचंदी पुलिस ने शास्त्रीनगर सेक्टर-10 में एक स्कूल में छापा मारा। जिसके कमरों में लूट का सामान भरा हुआ मिला। पुलिस ने स्कूल संचालक से पूछताछ के बाद इमरान नाम के व्यक्ति को पकड़ा। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर तीन और आरोपी हिरासत में ले लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में रिटायर बैंक अधिकारी समेत करीब दो दर्जन से अधिक लूट और डकैती की वारदात करना कबूल किया है। बिजनौर में एक ट्रक लूटा था, जिसका सामान बरामद किया गया है।
बड़ा नेटवर्क, अलग पैटर्न
पुलिस के अनुसार यह गिरोह मेरठ, लखनऊ, बिजनौर समेत कई जिलों में वारदात कर चुका है। हर जिले में इस गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है। लूटे गए माल को छिपाने का भी अलग पैटर्न है। यह गिरोह ऐसा सामान स्कूल या मदरसों में रखता था। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह ने मेरठ में ही आठ स्कूलों और तीन मदरसों के कमरे किराए पर ले रखे थे। ऐसी जगहों पर किसी को आसानी से शक भी नहीं होता, इसलिए यही सोचकर यह गैंग ऐसे ठिकाने तलाशता है।
एक-दूसरे के गैंग की जानकारी
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के बदमाशों को वेस्ट यूपी में लूट और डकैती करने वाले गैंगों की जानकारी है। आरोपियों ने कई गैंगों के बारे में पुलिस को बताया, जिस पर काम चल रहा है। मेरठ पुलिस बिजनौर और लखनऊ पुलिस से लूटे गए सामान की जानकारी लेने में जुटी है।
स्कूल संचालक पर होगी कार्रवाई
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि शास्त्रीनगर स्थित स्कूल संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लूट और डकैती का सामान स्कूल के कमरों में रखा जाता रहा, यह जानकारी स्कूल संचालक को जरूर होगी। स्कूल संचालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। स्कूल या धार्मिक शिक्षण संस्थाओं को टारगेट बनाने के पीछे आरोपियों की माहौल खराब करने की भी साजिश हो सकती है।
कोट
पुलिस ने बड़ा गिरोह पकड़ा है। हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। कई वारदातों का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। -डीसी दूबे, एसएसपी मेरठ