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हस्तिनापुर गाथा: द्वापर युग का साक्षी है यह मंदिर, इंद्र ने कर्ण को दान किए थे कवच और कुंडल    

Sun, 24 Jan 2021 12:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/ हस्तिनापुर

सार

- ऐतिहासिक कामाख्या देवी का मंदिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में 
- पर्यटन विभाग और सरकार नहीं दे रही कोई ध्यान 
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कर्ण मंदिर- हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी में मौजूद कर्ण मंदिर द्वापर युग का साक्षी है। यह वही स्थान है, जहां इंद्र ने कर्ण को कवच और कुंडल दान किए थे। कर्ण जिस देवी की तपस्या कर प्रतिदिन सवा मन सोना प्राप्त करते और दान करते थे, आज उसी कामाख्या देवी का मंदिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। इसकी आज तक पर्यटन विभाग और सरकार को कोई चिंता नहीं है। 
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हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
कर्ण मंदिर के महंत शंकर देव जी महाराज ने बताया कि दानवीर कर्ण इसी स्थान पर कामाख्या देवी की पूजा करते थे। अपने शरीर की आहुति देकर मां कामाख्या देवी से हर रोज सवा मन सोना प्राप्त करते थे। गंगा में स्नान करने के बाद सोना दान करते थे। कर्ण मंदिर में आज भी प्रतिदिन पर्यटक देश के कोने-कोने से आते हैं। 

 
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हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
हो चुके कब्जे, गुहार भी अनसुनी
ऐतिहासिक नगरी में पर्यटकों के लिए कोई विशेष सुविधा भी नहीं है। कर्ण मंदिर की महत्वपूर्ण भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है। इसकी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए महंत शंकर देव जी महाराज शासन-प्रशासन के कई अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस स्थान को कब्जा मुक्त कराने की तैयारी है।

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हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
पुराणों में भी अंकित है मंदिर का महत्व
प्राचीन कर्ण मंदिर का पुराणों में भी वर्णन है। इसके बाद भी ऐतिहासिक स्थान आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से अछूता है। इस मंदिर की तरह कस्बे में अन्य कई महाभारत कालीन प्राचीन मंदिर और अवशेष उसी अवस्था में खड़े हुए हैं। जिन्हें संवारने के लिए कोई मुहिम नहीं चलाई गई। इस कारण अस्तित्व समाप्त हो रहा है।
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हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
जल्द ही होगा जीर्णोद्धार
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी का कहना है कि अगर यह स्थान प्राचीन है और इस स्थान के पौराणिक या प्राचीनता के सुबूत मिलते हैं तो इस स्थान का जीर्णोद्धार कराया जाएगा जल्द ही मंदिर का निरीक्षण कर उस की प्राचीनता का पता लगाया जाएगा।

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