जलसे में आए कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने धर्म के अलावा राजनीतिक निशानेबाजी भी की। कहा कि राम और नबी तो सभी के हैं। निहत्थे अखलाक को पीट पीटकर मारने को हिंदुत्व का नाम नहीं दिया जा सकता। उसी तरह से एके-47 लेकर घूमने वाले मुसलमान नहीं हो सकते।
आचार्य कृष्णम ने कहा कि कहते हैं कि मुसलमानों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। दो साल हो गए। मुसलमान तो कोई पाकिस्तान गया नहीं। पीएम जरूर पाकिस्तान बिना बुलाए और बिना बताए ही चले गए। वे भाजपा नहीं, पूरे देश के पीएम हैं और यह उनका काम नहीं था। पहले देश की जनता या संसद से इस बारे में मशविरा करना चाहिए था। जो मुस्लिमों को देश से बाहर भेजने की बात करते हैं, उन्हें ही यहां से बाहर भेजा जाए।
सवाल किया कि दो साल बाद अब जब देश का युवा और किसान पूछेगा कि क्या अच्छे दिन आ गए तो क्या जवाब दोगे? पूरे मुल्क में मुसलमानों की गलत साबित करने का मेसेज देने की कोशिश की जा रही है। घर वापसी जैसे जुमले छोड़े जा रहे हैं। कटाक्ष किया कि लव जेहाद की बात हो रही है। घर वापसी करानी है तो पहले मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन की कराएं। मुस्लिम के घर में हिंदू की बेटी जाए तो वह लव जेहाद और मुस्लिम की बेटी हिंदू के घर में जाए तो वह लव संस्कार। यह नहीं चलेगा।
मुसलमानों की गलत तस्वीर जो पूरे मुल्क में दिखाई जा रही है उसकी बजाय यह तस्वीर पूरे देश को दिखाई जाए जो आज मेरठ में नमूदार हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों ही ऐसे संगठनों को बैन करें जो हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने की बात करते हैं। वे जमीयत के साथ देश की तरक्की और अमन के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं।