शनिवार को आई आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सरूपुर व रोहटा ब्लॉक में दर्जनों गांवों के किसानों की हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसल बर्बाद हो गई। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में पाथौली गांव में पंचायत भी हुई।
विज्ञापन
2 of 5
किसानों को लगा तगड़ा झटका
सरूरपुर ब्लॉक के गांव पाथौली, ईकड़ी, नंगला, छुर-मुल्हैड़ा, फतेहपुर, बाड़म, करनावल, भलसोना, रोहटा ब्लाक के गांव रासना, रामपुर, जंगेठी, बहादरपुर आदि गांवों में हजारों बीघा गेहूं व सरसों की फसल 50 फीसदी तक तबाह हो गई है।
विज्ञापन
3 of 5
ओलों से हुई फसल खराब
ओलावृष्टि के चलते गेहूं की तैयार फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मजबूत मानी जाने वाली गन्ने की फसल में पौधे को भी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना हैं कि उन्होंने अपनी याद में इतने मोटे ओले नहीं देखे। 200 से 300 ग्राम तक के ओले पड़े।
4 of 5
ओलों से फसल हुई खराब
गांव पाथौली में मामले को लेकर रविवार को किसानों की पंचायत हुई। किसान नेता वरुण सांगवान ने बताया कि ओलावृष्टि क्षेत्र विशेष में हुई। जहां से भी तूफान गुजरा फसल को चौपट करता चला गया। किसानों की मांग है कि जिला प्रशासन प्रभावित गांवों का तुरंत सर्वे कराए और पीड़ित किसानों को अविलंब मुआवजा दिलाए। रालोद के वरिष्ठ नेता डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि इस बारे में एसडीएम सरधना को पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
सोमवार को इस संबंध में पीड़ित किसानों को लेकर डीएम और कमिश्नर से भी मिलेंगे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी औरजिला महासचिव सत्यवीर जंगेठी ने भी प्रशासन से पीड़ित किसानों को बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।