कांवड़ यात्रा को देखते हुए कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने 15 दिन के लिए हड़ताल स्थगित कर दी। सब एरिया कमांडर मेजर जनरल के. मनमीत सिंह और सीईओ राजीव श्रीवास्तव की अपील कर्मचारियों ने मान ली। जीओसी ने जूस पिलाकर हड़ताल खत्म कराई।
9 जुलाई को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के मलबे में चार लोग दबकर मर गए थे। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के विरोध में 10 जुलाई से छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शाखा छावनी परिषद मेरठ की संयुक्त हड़ताल चल रही थी। छावनी के लोगों की समस्या देखते हुए जीओसी, सीईओ, बोर्ड उपाध्यक्ष समेत अन्य जनप्रतिनिधि लगातार कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील कर रहे थे। शुक्रवार को कैंट बोर्ड अध्यक्ष व जीओसी के. मनमीत सिंह ने सीईओ और कर्मचारियों की बैठक बुलाई।
उन्होंने कांवड़ यात्रा का हवाला दिया। सीईओ ने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन की तरफ से सहयोग मिल रहा है। हमें भी उनका सहयोग करना चाहिए। छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के महामंत्री नवीन चंद पंत, सफाई मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष पूजेश लोहरे ने कहा कि कर्मचारियों के हड़ताल पर आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सीईओ ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी न होने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी की गिरफ्तारी हुई तो मैं अपनी गिरफ्तारी सबसे पहले दूंगा। कर्मचारी यूनियनों ने 15 दिन तक हड़ताल स्थगित करने की बात मान ली। इस दौरान विक्रांत शर्मा, योगेश भगत, विक्रांत शर्मा, भारत सिंह, दिनेश वर्मा, सुनील कुमार, संजीव, गिरीश सिंह, मनोज, विजय मौजूद रहे।
जूस पिलाकर हड़ताल स्थगित
पश्चिम यूपी सब एरिया कमांडर मेजर जनरल ने कार्मिक अनशन पर बैठक कर्मचारी दिनेश अग्रवाल, संजय यादव, मोहन को जून पिलाकर हड़ताल स्थगित कराई। वहीं कर्मचारियों ने बताया कि एसएसपी ने भी उन्हें गिरफ्तारी न होने का आश्वासन दिया है।
उपद्रवियों की हो गिरफ्तारी
बैठक में ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के संयुक्त सचिव विक्रम शर्मा ने जीओसी से कहा कि कुछ उपद्रवी लोग अशांति फैला रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ कैंट बोर्ड ने 19 जून को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन लोगों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द होनी चाहिए।
इनके खिलाफ कराई थी कैंट ने रिपोर्ट
19 जून को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के लिए गई कैंट बोर्ड की टीम का विरोध किया गया था। इस दौरान कैंट बोर्ड सीईओ के साथ हाथापाई और एक कर्मचारी की पिटाई भी की गई थी। कैंट बोर्ड ने कर्मचारी की पिटाई करने वाले संजय वाजपेयी, लवली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचने के लिए कैंट बोर्ड ने संजय वाजपेयी, सौरभ शर्मा, विनीत शारदा, विपुल रस्तोगी, सीमा अग्रवाल, लवली समेत 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।