वेलेंटाइन डे पर चीन की सराह और हापुड़ के श्रेयांश मुरादनगर के मंडप में शुक्रवार को विवाह बंधन में बंध गए। उनका विवाह जैन रीतिरिवाजों से हुआ। शादी समारोह में दुल्हन सराह पक्ष की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ, उसका कारण चीन में फैला कोरोना वायरस बताया जा रहा है।
हापुड़ निवासी मुकेश जैन ने बताया कि उनके भतीजे श्रेयांस जैन पुत्र राकेश जैन की शादी शुक्रवार को चीन की युवती सराह के साथ जैन समाज के रीति रिवाज केक अनुसार संपन्न हुई। मुरादनगर बसंतपुर सैंथली गांव के पास स्थित देवतारा मंडप में वैवाहिक कार्यक्रम हुए। बताया कि चीन की सारा न्यूयॉर्क में रहती है। मुकेश जैन का भतीजा श्रेयांस जैन भी अमेरिका में रहता है। दोनों की दोस्ती करीब सात साल से चली आ रही है। दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
पहले नौ फरवरी को शादी होना तय हुआ था लेकिन चीन में कोरोना वायरस फैलने के कारण सराह को वीजा नहीं मिल सका था। दोबारा वीजा के लिए एप्लाई किया। अमेरिका सरकार ने भारत सरकार से अनुमति मांगी थी। बताया कि श्रेयांश जैन के परिजनों ने गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से अनुमति लेकर अमेरिका सरकार को वीजा के लिए दस्तावेज दिए थे।
इसके बाद सराह को वीजा की अनुमति मिली थी। इसके चलते शादी पांच दिन लेट हो गई। उन्होंने बताया कि सराह कई साल से अमेरिका के न्यूयार्क में रहती है। इसलिए उसे कोरोना वायरस का कोई खतरा नहीं है। सराह के परिवार से कोई भी व्यक्ति शादी समारोह में शामिल नहीं हुआ। मुकेश जैन ने बताया कि दुल्हन सराह का कन्यादान मेरठ निवासी दूल्हे के मामा अनिल जैन ने किया।
शादी का सारा खर्च दूल्हा पक्ष ही उठा रहा है। बताया गया कि दुल्हन बनी सराह ने अपनी दो जोड़ी सैंडल ढाई लाख रुपये में खरीदी हैं। देवतारा मंडप के मालिक अंबेश त्यागी ने भी दूल्हे पक्ष को सहयोग किया। दोबारा शादी की तारीख बढ़ने पर कोई खर्चा नहीं लिया।