मुकुल हत्याकांड: भंवर ने गोली मारी और फिर गुड्डू-आशीष ने गला घोंटा
मेरठ। मुकुल चौधरी की हत्या का बृहस्पतिवार को सनसनीखेज खुलासा हुआ। दोस्त भंवर ने सिर में गोली मारी व फिर गुड्डू और आशीष ने डंडे से गला घोंटा। इस वारदात को अंजाम देने से पहले शराब पार्टी हुई और छात्रा को लेकर कमेंटबाजी शुरू हुई। हत्या के बाद आरोपी मुकुल के शव को बाइक पर हापुड़ से मेरठ में लाए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर मुकुल चौधरी की हत्या में तीन आरोपी भंवर चौधरी निवासी तेज विहार कंकरखेड़ा (मूल पता फौजी कॉलोनी, बाबूगढ़ छावनी-हापुड़), आशीष पारासर निवासी 64 विद्यानगर हापुड़ (धनौरा हापुड़ देहात) और प्रीत त्यागी निवासी धनौरा हापुड़ देहात को मीडिया से रूबरू करा दिया। जबकि दो आरोपी गुड्डू निवासी सोटावाली-हापुड़ कोतवाली और अनुराग निवासी 64 विद्यानगर कॉलोनी- हापुड़ (मूूल पता गांव धनौरा-हापुड़) को फरार होना बताया।
एसएसपी ने बताया कि पांचों आरोपियों ने शराब पार्टी के लिये मुकुल चौधरी को आशीष के मकान विद्यानगर-हापुड़ में बुलाया। इसी बीच एक छात्रा व जातिवाद को लेकर कमंट बाजी शुरू हो गई। तभी भंवर ने तमंचा निकाला और मुकुल चौधरी के सिर में गोली मार दी। उसके बाद गुड्डू और आशीष ने डंडे से मुकुल का गला घोट कर हत्या कर दी। पांचों आरोपियों ने शव को मेरठ में किसी नहर में फेंकने के लिये कार व टेंपो किराये पर करने के लिये तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला। सात घंटे बाद शव को बाइक पर रखकर आरोपी मेरठ में फेंक गए।
शव पड़ा रहा, पार्टी चलती रही
यह घटना आरोपियों ने 23 सितंबर को दोपहर दो बजे हापुड़ में आशीष के मकान में की। सात घंटे शव कमरे में पड़ा रहा और आरोपी शराब पार्टी करते रहे। अंधेरा होने के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। जिसमें अनुराग ने बाइक ड्राइव की और गुड्डू को लेकर पीछे बैठा। बाकी तीन आरोपी दूसरी बाइक पर सवार होकर साथ साथ हापुड़ से मेरठ आए।
कुछ नहीं मम्मी कांच टूट गया
गोली की आवाज और मुकुल की चीख पुकार सुनकर आशीष की मां उनके कमरे में पहुंची थी। आरोपियों ने उनको यह कहकर वापस कर दिया कि शराब पार्टी के दौरान कांच टूट गया था। जिसकी आवाज जोर से हुई है। उसके बाद आरोपियों ने फिर से शराब पीनी शुरू कर दी। आरोपियों से तीनों बाइक, तमंचा और हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया है।
कैसे गश्त करती है पुलिस
पांचों आरोपी शव को बाइक पर लेकर हापुड़ से मेरठ आ जाते हैं। किसी पुलिस वाले ने उन्हें रोकना मुनासिब नहीं समझा। इसको लेकर पुलिस की गश्त पर भी सवाल उठते है। तीन युवक बगैर हेल्मेट पर आ गए, बावजूद किसी को भनक नहीं है। खरखौदा क्षेत्र में शव फेंकने के पीछे आरोपियों का क्या मकसद था, इसका पुलिस भी खुलासा नहीं कर सकी। एसएसपी ने खरखौदा पुलिस को 10 हजार का इनाम दिया है।
गुड्डू ने जूते तक उतार लिए
मुकुल ब्रांडेड कंपनी के जूते पहनने थे, जिनको आरोपी गुड्डू ने उतारकर खुद पहनने। उसके बाद शव बाइक पर रखकर बैठ गया। जिसके चलते मुकुल का पैर हापुड़ से लटकता हुआ मेरठ तक आए। फोरेंसिक एक्सपर्टों ने इसकी जांच पड़ताल की। जांच के लिए आशीष का घर सीज कर लिया। ब्लड के नमूने लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी।
यह हुआ था मामला
24 सितंबर सुबह आठ बजे धीरखेड़ा खरखौदा में सड़क किनारे एक शव की सूचना पर यूपी 100 की गाड़ी गई थी। सिर में गोली लगी होने की जानकारी लगते खरखौदा पुलिस भी पहुंची। शव की पहचान मुकुल चौधरी उर्फ भोलू पुत्र स्व. प्रेमसुंदर निवासी एतमादपुर बीबीनगर बुलंदशहर का है। मुकुल के पिता आर्मी में थे, जिनकी मौत के बाद मां शशी सिरोही के साथ वह हापुड़ में किराये के मकान में रहता था। खरखौदा में वह पढ़ाई करता था। पुलिस ने इसकी जांच पड़ताल की और हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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बीबीनगर के एत्मादपुर गांव का मूल निवासी है मुकुल का परिवार
मेरठ। सोमवार को खरखौदा क्षेत्र में हापुड़ बाईपास पर धीरखेड़ा के पास अंडरपास के पास गोली लगा एक युवक का शव मिला था। शव की शनाख्त मुकुल चौधरी (20) पुत्र प्रेम शंकर के रूप में हुई थी। पुलिस ने बताया कि युवक के पिता आर्मी से सेवानिवृत्त थे, जिनकी कुछ समय पहले मौत हो गई थी। यह परिवार बुलंदशहर के बीबीनगर के एत्मादपुर गांव का था जो वहां से ओमनगर-कंकरखेड़ा के बाद हापुड़ में शिफ्ट हो गया था। मुकुल की मां शशी सिरोही कंकरखेड़ा का मकान बेचकर करीब चार माह से हापुड़ में स्वर्गाश्रम रोड पर अपनी बहन के घर के पास किराए पर रह रही हैं। शशी सिरोही ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि मुकुल को सोमवार दिन में करीब दस बजे एक कॉल आई थी। इसके बाद मुकुल बिना कुछ कहे ही घर से चला गया था। शशी ने जब दोपहर को मुकुल को कॉल की तो उसका फोन बंद मिला था। पुलिस ने मुकुल के फोन की कॉल डिटेल के आधार पर हापुड़ फाटक के समीप रह रहे आशीष को हिरासत में लिया। आशीष ने बताया कि मुकुल की मौसी का बेटा हैप्पी मुकुल को ही उसके पास लेकर आया था। पुलिस और क्राइम ब्रांच ने भंवर सिंह की प्रेमिका से भी पूछताछ की। मोबाइल की कॉल डिटेल में सामने आया कि छात्रा की भंवर सिंह और मुकुल से बात होती थी। यह छात्रा भी मेरठ की रहने वाली है।
कभी नहीं मिल पाएगा शव
पूछताछ में भंवर सिंह ने बताया कि उनकी प्लानिंग पहले नहर में शव को फेंकने की थी। लेकिन बाद में सोचा कि नहर में शव मिल जाएगा। दिन में ही हापुड़ बाईपास को देख लिया था यह बाईपास जमीन से करीब 15 फीट की ऊंचाई पर कई किमी लंबाई में बनाया जा रहा है। ऐसे में प्लानिंग बनाई कि वहां शव मिट्टी में दबा देंगे ऊपर से मिट्टी डाल देंगे तो फिर शव नहीं मिल सकेगा। हत्या हापुड़ में करनी बताई गई है।
खरखौदा में रहा मुकुल:
हैप्पी खरखौदा के ही एक कालेज से बीबीए कर रहा है। हैप्पी के पास सोमवार को बाइक नहीं थी तो हैप्पी ने ही मुकुल को फोन कर घर से बुलाया। बाद में मुकुल ही अपनी बाइक से हैप्पी को लेकर खरखौदा कालेज में आया था। जब तक हैप्पी कालेज में रहा तब तक मुकुल भी इसी क्षेत्र में रहा। इसके बाद दोनों आशीष से मिले। इसके बाद मुकुल का फोन बंद हो गया। वहीं पुलिस ने आशीष के मकान की तालाशी ली तो आशीष के मकान से एक खोखा भी मिला है।