संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 22वें दिन बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। विधान में 120 परिवारों ने सहभागिता करते हुए भगवान शांतिनाथ की आराधना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मूलनायक भगवान के अभिषेक से हुआ। अभिषेक का सौभाग्य राजीव जैन, निशा जैन, सागर जैन, नेहा जैन, साहिल जैन एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ। शांतिधारा अभिनव जैन, आयुष्मान जैन, अर्जुन जैन, नेमचंद जैन और उर्मिला जैन ने की। तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री मुकेश जैन और सुनील जैन ने श्रद्धालुओं का तिलक, माला और मुकुट पहनाकर स्वागत किया।
विधान के दौरान क्षेत्र पर विराजमान मुनि भाव भूषण महाराज ने शांति विधान की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इसके प्रभाव से रोग, शोक, दुख, दारिद्रय और महामारी जैसे कष्टों का नाश होता है। उन्होंने प्राचीन मथुरा नगरी का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि शांतिनाथ भगवान के समक्ष शांति विधान किए जाने से वहां फैले उपद्रव और महामारी समाप्त हो गई थी। तभी से इस विधान का प्रचलन प्रारंभ हुआ।
महाराज ने कहा कि 40 दिनों तक संकल्पपूर्वक किए जाने वाले इस अनुष्ठान से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा समाज में खुशहाली बढ़ती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
संगीतमय आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रश्नमंच प्रतियोगिता का संचालन विजय कुमार जैन ने किया। विजेताओं को निर्मल जैन ने पुरस्कार प्रदान किए।
इस मौके पर तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, प्रबंधक मुकेश जैन सहित अनेक पदाधिकारियों और समाजसेवियों का सहयोग रहा।