माछरा/मुंडाली। रामलीला कमेटी माछरा के तत्वावधान में कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया। हनुमान समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं और सीता का पता लगाकर अशोक वाटिका के फल खाने लगते हैं तथा माली आदि की पिटाई करते हैं।
माली रावण के दरबार में पहुंचकर हनुमान की शिकायत करते हैं। रावण का पुत्र अक्षय कुमार हुनुमान को पकड़ने आता है। हनुमान अक्षय कुमार का वध कर देते हैं। इसके बाद हनुमान को पकड़कर रावण के सामने पेश करते हैं। हनुमान अपनी पूंछ में लगी आग से लंका को जला देते हैं।
विभीषण रावण के सामने ही सीता को वापस करने का प्रस्ताव रखते हैं लेकिन रावण नहीं मानता और विभीषण को निकाल देता है। विभीषण श्रीराम के पास जाकर शरणागत हो जाते हैं। राम विभीषण को लंका का राजा घोषित करते हैं। अंगद भी रावण को समझाने जाते हैं। रावण-अंगद संवाद का मंचन किया गया। मुंडाली में कन्यादान, राम वनवास का मंचन किया गया। राम, सीता, लक्ष्मण 14 वर्षों के लिए वन को जाने का मंचन किया गया।