फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल में नही मिल रहा हीमोफीलिया रोगियों को उपचार

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में इन दिनों हीमोफीलिया रोगियों को उपचार नहीं मिल रहा है। फैक्टर का टोटा बताकर उन्हें दिल्ली के सेंटरों की ओर रेफर किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में इस रोग से जूझ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों में खासी नाराजगी है। मरीजों का आरोप है कि कोरोना वायरस को आधार बनाते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है।
विज्ञापन

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया के सैकड़ों रोगी पंजीकृत हैं। मेरठ सहित आसपास के अन्य जनपदों से हीमोफीलिया के रोगी उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। जीवन रक्षक दवाई फैक्टर 8 इनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन पिछले करीब एक माह से फैक्टर-8 का यहां टोटा है। इसके बाद से यहां पंजीकृत मरीजों को दूरदराज के सेंटरों पर रेफर किया जा रहा है। फैक्टर कब उपलब्ध होंगे, इसका जवाब अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है। रोगियों द्वारा मेरठ से लेकर लखनऊ तक संपर्क साधने के बावजूद अभी तक भी कोई नतीजा निकालकर सामने नही आया है। आई ड्रीम टू एनजीओ के अध्यक्ष राजन चौधरी का कहना है कि हीमोफीलिया एक अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें खून का थक्का बनना बंद हो जाता है। उन्होंने कहा कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने का मतलब यह कतई नहीं होना चाहिए कि दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से फैक्टर की उपलब्धता अतिशीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें