इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले पर 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरफ से बहस पूरी कर ली गई थी। जिला जज ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
18 अगस्त 2021 को पांच महिलाओं ने शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और विग्रहों की सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की थी। इस पर तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी का सर्वे कराने का आदेश दिया था। 16 मई 2022 को सर्वे की कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 मई 2022 से इस मामले में जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है। आज फैसला आने वाला है।
ज्ञानवापी के फैसले को लेकर प्रदेश भर में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है।ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में जिला जज की अदालत का फैसला तैयार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार फैसला 15 से 17 पेज का हो सकता है ।