जानीखुर्द। गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी में मकर संक्रांति पर्व पर वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। वार्षिकोत्सव की शुरुआत में ऋग्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्ति के लिए ऋग्वेद के मंत्रों से आहुति प्रदान की गई।
महायज्ञ गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज के ब्रह्मत्व में हुआ। इस अवसर पर गुरुकुल के नव प्रविष्ट ब्रह्मचारियों का उपनयन और वेदारंभ संस्कार संपन्न हुआ। गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने वेदपाठ किया। वार्षिकोत्सव में गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने अपने बौद्धिक एवं शारीरिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मकर सौर संक्रांति प्रतीक है कि अब से भगवान भास्कर उत्तरायण होकर संसार को आलोकित करेंगे। हम सभी को वेदज्ञान का अध्ययन करना चाहिए और राष्ट्र के प्रति स्वयं का दायित्व समझना चाहिए। गुरुकुल के वार्षिकोत्सव, महायज्ञ में प्रतिष्ठित गणमान्य, संन्यासी, सामाजिक, गुरुकुल के स्नातक आदि उपस्थित रहे।