मेरठ। गुरुद्वारा शास्त्रीनगर और गुरुद्वारा सत्संग भवन कंकरखेड़ा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाशोत्सव की खुशी में कीर्तन समागम हुआ। भाई जगमीत सिंह मीत ने गुरबाणी शब्दों का गायन कर संगत को निहाल किया। उन्होंने एक ओंकार का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए परमात्मा को एक और सत्य स्वरूप बताया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया।