राष्ट्रहित में बिजली की खपत कम करने के लिए पीवीवीएनएल द्वारा उपभोक्ताओं को मुहैया कराए जा रहे एलईडी बल्ब गारंटी पीरियड में ही दम तोड़ रहे हैं। अब तक 40 फीसदी बल्ब फ्यूज हो चुके हैं। बिजलीघरों से खरीदे गए इन बल्बों को बदलने के लिए विभाग उपभोक्ताओं से इतना बड़ा मजाक कर रहा है कि उपभोक्ताओं को इसके लिए विद्युत स्टोर पहुंचना पड़ता है। बल्ब बदलने में ही उपभोक्ता का खर्च बल्ब की कीमत से ज्यादा हो रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि फ्यूज बल्ब बदलने की सुविधा भी बिजलीघर पर ही दी जानी चाहिए।
गारंटी पीरियड से पहले ही दम तोड़ा
पीवीवीएनएल ऊर्जा की खपत कम करने और उपभोक्ताओं को सस्ते और टिकाऊ एलईडी बल्ब मुहैया करा रहा है। सबसे पहले विभाग ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) से रश्मि कंपनी के 10 लाख एलईडी बल्ब (7 वाट) लिए थे। इसमें से 50 हजार बल्ब मेरठ के हिस्से आए थे जिन्हें शहर के चुनिंदा बिजलीघर क्षेत्रों में वितरित किया गया था। इसके बाद कंपनी ने 7 वाट व 9 वाट के 80 लाख बल्बों के वितरण का ठेका फेम और एचपीएल कंपनी को दिया था। दोनों कंपनियों ने पश्चिमांचल के सभी 14 जनपदों के बिजलीघरों पर स्टॉल लगाकर बल्बों की बिक्री की थी। फिलहाल केंद्र सरकार की पावर परियोजनाओं से जुड़ी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के बल्बों की बिक्री हो रही है। 70 रुपये से 99 रुपये तक खरीदे गए करीब 80 लाख बल्बों में से करीब 40 फीसदी बल्ब गारंटी पीरियड (दो साल) में ही दम तोड़ गए हैं। फ्यूज हुए 32 लाख बल्बों की औसत कीमत 85 रुपये रखें तो उपभोक्ताओं को करीब 27.20 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
अब ज्यादा खर्च और समय
फ्यूल बल्ब को बिजलीघरों से नहीं बदले जाने की तमाम शिकायतों के बाद विभाग ने कंपनी के सभी जिलों के विद्युत भंडार केंद्रों से बदलने की शुरूआत की है। रविवार को बल्ब बदलने का दूसरा कैंप था। दो या चार बल्बों को बदलने के लिए लोगों को कई-कई किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। बल्ब बदलने में बल्ब की कीमत से ज्यादा खर्च हो रहा है और समय भी बर्बाद हो रहा है।
यह उपभोक्ताओं से मजाक
विक्टोरिया पार्क स्थित विद्युत स्टोर पर बल्ब बदलने आए लोगों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश था। शास्त्रीनगर निवासी आनंद प्रकाश ने बताया कि बल्ब बिजलीघर से लिए थे। बदलने के लिए चार किलोमीटर दूर आना पड़ा। दो बल्ब बदलने में बीस रुपये का तेल फुंक गया और समय खराब हुआ। शास्त्रीनगर निवासी प्रमोद, सोफीपुर निवासी रवि पांडेय, ब्रह्मपुरी निवासी संजय शर्मा ने भी विभाग के खिलाफ खूब भड़ास निकाली। शिवलोक निवासी अजय कुमार ने बताया कि वे रश्मि कंपनी के बल्ब बदलने आए थे। लेकिन बदले नहीं गए। बताया कि इन बल्बों को बदलने के लिए अलग से दिन तय होगा। यह उपभोक्ताओं से मजाक नहीं तो क्या है।
जल्द निकालेंगे समाधान
फ्यूज बल्ब नहीं बदले जाने की शिकायत के बाद ही विद्युत स्टोर से बदलवाने की सुविधा शुरू की गई है। उपभोक्ताओं को यहां तक पहुंचने में अगर परेशानी हो रही है तो जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा। उपभोक्ताओं को उनके नजदीक ही सुविधा प्रदान की जाएगी। -आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल