आरोप है कि रिमशा का पिता आस मोहम्मद, जो श्यामनगर का निवासी है, दुकान को अपने नाम कराना चाहता था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार शाम पंचायत बुलाई गई थी।
लेकिन मामला सुलझने की बजाय गरमा गया और मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों ने हथियार निकाल लिए और फायरिंग शुरू कर दी।
गनीमत यह रही कि कोई गोली किसी को नहीं लगी। घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।