पं. बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी के विरोध में वकीलों का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई का मामला लखनऊ तक गूंज गया है। जेल चुंगी से विश्वविद्यालय गेट तक प्रदर्शन की वीडियो और रिपोर्ट एसएसपी ने लखनऊ भेजी है। जिसमें शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस द्वारा लाठी चलाने का जिक्र किया गया। शासन ने खुफिया विभाग से भी अलग से जानकारी मांगी है।
वकीलों पर लाठी चलने का मामला रविवार को तूल पकड़ गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के वकील पुलिस की गलती बताकर आक्रोश जता रहे हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी लाठीचार्ज से इंकार कर रहे हैं। मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री और डीजीपी ने एसएसपी और डीएम से जानकारी ली। एसएसपी ने इस प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर शनिवार देर रात लखनऊ भेज दी थी। मेडिकल थाने में भी इसका तस्करा डाला गया है। जेल चुंगी से विश्वविद्यालय तक वकीलों के हंगामे की वीडियो पुलिस ने भी बनवाई थी। जिसकी एक सीडी लखनऊ भेजी गई। वीडियो में पुलिस का बल प्रयोग नजर आ रहा है। पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट में जिक्र किया गया कि अगर पुलिस बल प्रयोग नहीं करती तो बड़ा बवाल हो सकता था।
वकीलों से समझौते के लिए मंथन
रविवार दिन भर वकीलों से समझौते के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में मंथन चला। कभी फोन पर तो कभी बैठक कर आपस में चर्चा करते रहे कि यह मामला शांत कैसे हो। कई अधिकारियों ने सीनियर वकीलों से मामले को शांत कराने की अपील भी की। देर रात तक कोई निर्णय नहीं निकला। सोमवार को केंद्रीय संघर्ष समिति की आम सभा पर पुलिस-प्रशासन नजरें जमाए हुए है।