बाजार में इस बार गुजरात के सामान की चमक बढ़ गई है। इस बार दिवाली के बाजार में सजावटी सामानों में 10 करोड़ से अधिक का माल गुजराती है। बंदनवार, दीपक, लक्ष्मी के चरण, कंदील आदि सजावटी सामानों में बड़ा स्टॉक केवल गुजराती हैंडवर्क का है। रेशम, ऊन, एंब्रायडरी, शीशा, स्टोन, चमकी, गोटापत्ती, बेलवेट व कोढ़ियों से सजे बंदनवारों का काफी स्टॉक गुजरात से मंगाया गया है।
शहर में 3 हजार से अधिक दुकानें
दिवाली के दौरान शहर में सजावटी सामानों की 3 हजार से अधिक दुकानें सजती हैं। शहर के प्रमुख सभी छोटे-बड़े बाजारों में सजावटी आइटम व किराना की जो पक्की दुकानें हैं, वहां दिवाली का सामान बेचा जा रहा है। इससे इतर फुटपाथ, रेहड़ी, ठेला व अस्थायी टेंट में दुकानें सजी हैं। जहां बंदनवार, दीपक, कंदील, धागा झालर आदि बिक रहे हैं। ज्यादातर दुकानों पर गुजराती बंदनवार, कंदील और दूसरे सजावटी आइटम ही हैं। 3 हजार दुकानों पर सजावटी सामान बिक रहा है, इसमें 25 हजार के माल से लेकर 5 लाख का माल लाने वाले व्यापारी हैं। शारदा रोड, आबूलेन, सदर, सेंट्रल मार्केट, मलियाना बाजार, कंकरखेड़ा बाजार, लालकुर्ती, कैलाशपुरी, छीपीटैंक बाजार, पीएल शर्मा, रोहटा रोड, रिठानी बाजार, अब्दुल्लापुर, वैली बाजार, कबाड़ी बाजार, कागजी बाजार, सुभाष बाजार, मेडिकल रोड, जागृति विहार आदि सभी बाजारों में दुकानें सजी हैं।
मेक इन इंडिया का भी प्रमोशन
दिवाली बाजार में चाइना का विरोध तो है ही, हाथोंहाथ मेक इन इंडिया का प्रमोशन किया जा रहा है। पहले नंबर पर गुजरात का सजावटी सामान है। दूसरे नंबर पर राजस्थान से मंगाया गया हस्तशिल्प का सामान है। कई दुकानों पर बकायदा गुजराती बंदनवार, राजस्थानी कंदील क ा पोस्टर लगाकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है।
बाजार में चाइना का माल है, लेकिन गुजराती आइटम पिछले सालों की अपेक्षा ज्यादा है। ग्राहक भी हिंदुस्तान में बने माल की डिमांड कर रहा है। - अनुज, विक्रेता, सेंट्रल मार्केट
इस बार ज्यादातर दुकानदार गुजराती और राजस्थानी सजावटी सामान ही लाए हैं। यहां की हस्तशिल्प बेहद खास और पसंद की जाने वाली होती है। इसलिए आइटम सुंदर हैं मगर महंगे भी हैं। - सुमित गुप्ता, विक्रेता सदर बाजार