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अभिभावक बोले, फीस वसूली का जरिया है ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया पर चलाया अभियान

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अभिभावक बोले, फीस वसूली का जरिया है ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया पर चलाया अभियान
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मेरठ। जब स्कूल में कक्षा नहीं हो रही, स्कूल के किसी संसाधन का बच्चे प्रयोग नहीं कर रहे तो फीस किस चीज की ली जा रही है। नो वैक्सीन नो स्कूल अभियान के तहत अब अभिभावकों की नाराजगी ऑनलाइन कक्षाओं पर भी है। अभिभावकों का कहना है ऑनलाइन क्लास केवल फीस वसूली का जरिया है। ऑनलाइन क्लास से न पढ़ाई हो रही है न गतिविधि। बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने जूम पर मीटिंग कर इसका विरोध भी किया। अभिभावकों की ऑनलाइन क्लास के साथ, जुलाई में स्कूल न भेजने, फीस माफ करने, एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई होने की मांग है। इन मांगों के लिए लगातार अभिभावक जिला प्रशासन को ज्ञापन दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर विरोध हो रहा है। अमित त्यागी ने कहा कि फीस मिल जाये इसलिए स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं चला कर पढ़ाई का ढोंग कर रहे हैं। मोना सहगल कहती हैं कि आंखें खराब, दिमाग पर गलत असर पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए बच्चे मोबाइल और गैजेट के आदी होते जा रहे हैं। संगीता शर्मा बताती हैं कि पढ़ाई केवल किताबों और कापियों से होती है न कि कंप्यूटर से। मोनिका त्यागी ने बताया कि बच्चे चार पांच घंटे कंप्यूटर व मोबाइल के सामने बैठे रहते हैं, जो उन्हें गैजेट का आदि बना रहे हैं। प्रेषक कश्यप ने बताया कि अब ऑनलाइन प्रोजेक्ट वर्क, एक्टिविटी और परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही कराई जा रही हैं। ऐसा लग रहा है कि पूरे स्कूल कंप्यूटर पर ही चलते रहेंगे। यह गलत है इस पर रोक लगनी चाहिए।
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