व्यापारी नहीं होंगे परेशान, जीएसटी रजिस्ट्रेशन हुआ आसान
मेरठ। नए साल की शुरुआत हो चुकी है। व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान नहीं होना पडे़गा। अब रजिस्ट्रेशन करना आसान हो गया है। आधार के जरिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेरठ में 32 हजार से ज्यादा व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनकी संख्या बढ़ाना इस योजना का मकसद है।
जीएसटी लागू होने के ढाई साल बाद पहली बार कारोबार जगत ई-इनवॉइसिंग से रूबरू होगा। बुधवार से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए इसका ट्रायल शुरू हो गया है, जो स्वैच्छिक है। 100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वालों के लिए यह ट्रायल एक फरवरी से शुरू होगा। दोनों कैटेगरी के लिए यह एक अप्रैल से अनिवार्य करने की तैयारी है। ई-इनवॉइसिंग के तहत जारी होने वाले हर बिल पर एक यूनीक इनवॉइस रेफ रेंस नंबर दर्ज होगा। इससे बोगस बिलिंग और टैक्स चोरी की आशंकाएं कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इनके अलावा नए साल के पहले दिन से दो और अहम फैसले लागू हुए हैं। पॉलीथिलेनर और पॉलीप्रोपीलीन से बुनाई या बिना बुनाई के निर्मित थैलों पर जीएसटी दर घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है, जबकि इंडस्ट्रियल प्लाट के दीर्घकालिक लीज पर जीएसटी नहीं लगाई जाएगी। सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि नए साल से जीएसटी के मद्देनजर जो भी बदलाव सरकार ने किए हैं, उन्हें अमल में लाया जाएगा।
- डिफाल्टरों पर कसेगा शिकंजा, होगी सख्ती
प्री-जीएसटी रिजीम के टैक्स बकाएदारों के लिए सबका विश्वास स्कीम मंगलवार को खत्म हो गई है। इसके तहत बकाया या छिपाए गए टैक्स का खुलासा करने पर टैक्स और पेनाल्टी में भारी छूट की पेशकश की गई थी। कई मामलों में सिर्फ 30 प्रतिशत टैक्स पेमेंट से ही पेनाल्टी, ब्याज और मुकदमेबाजी से छुटकारा मिल सकता है। अब सरकार ऐसे बकाएदारों के खिलाफ सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी।