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Meerut News: जय नारायण फैबटेक पर जीएसटी का छापा, दो करोड़ की कर चोरी पकड़ी

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तीन प्रतिष्ठानों पर एक साथ शुरू हुई जांच, संदिग्ध अभिलेख किए गए जब्त
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जांच के बाद फर्म ने 35 लाख रुपये कर के रूप में जमा कराए
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सरस्वती इंडस्ट्रियल एरिया स्थित स्टेपल फाइबर निर्माता फर्म एमएस जय नारायण फैबटेक लिमिटेड के खिलाफ राज्य कर विभाग ने शुक्रवार को जांच की। विभागीय अधिकारियों ने फर्म के ग्राम इकला, सिवालखास और शंभुनगर स्थित तीनों व्यापार स्थलों पर एक साथ कार्रवाई की।
अपर आयुक्त ग्रेड-दो सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान स्टॉक में अनियमितताएं मिली हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में संदिग्ध अभिलेख भी जब्त किए गए हैं। इन अभिलेखों की जांच की जा रही है। संयुक्त आयुक्त मनीषा शुक्ला और जांच टीम की प्रारंभिक पड़ताल में करीब दो करोड़ रुपये का कर चोरी का अनुमान लगाया है।
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जांच के बाद फर्म की ओर से 35 लाख रुपये कर के रूप में जमा किए गए हैं। विभागीय कार्रवाई में राज्य जीएसटी विभाग मेरठ के करीब 20 अधिकारी और पुलिस बल शामिल रहा। टीम में उपायुक्त दिनेश कुमार, उपायुक्त संजीव कुमार आर्य, सहायक आयुक्त सुरिंद्र सिंह, सहायक आयुक्त कृष्ण मुरारी यादव समेत मेरठ में कार्यरत सचल दल इकाइयों की टीमें शामिल थीं। विभाग द्वारा जब्त अभिलेखों की विस्तृत जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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बहचौला में भी बैटरी कंपनी के प्लांट पर पहुंची टीम
गंगानगर। बहचौला गांव स्थित बैटरी कंपनी में जीएसटी विभाग की टीम ने जांच की। अधिकारियों की टीम शुक्रवार देर शाम फैक्टरी के अंदर पहुंची। यहां कई दस्तावेजों को खंगाला गया। रेडिक्स पावर लिमिटेड कंपनी की फैक्टरी है। यहां सभी तरह की बैटरियों का निर्माण किया जाता है। किसान नेता अंकुर चौहान का आरोप है कि फैक्टरी में पुरानी बैटरियों से निकलने वाला एसिड व अन्य अपशिष्ट को बोरिंग के माध्यम से भूमि के अंदर डाला जाता है। इसके चलते गांव में भूमिगत जल दूषित हो रहा है। इन्हीं समस्याओं को ग्रामीण कई दिनों से उठा रहे हैं। पिछले दिनों कंपनी शिकायत अनेक सरकारी पोर्टलों, विभागों में की गई थी। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे जीएसटी विभाग की टीम फैक्टरी में पहुंची। टीम ने गेट बंद करते हुए अंदर दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए। फैक्टरी मालिक जसप्रीत और उनके भाई से पूछताछ की। आरोप है कि कंपनी द्वारा निर्धारित अनुमति व मानकों को नजरअंदाज कर अधिक बैटरियों का निर्माण कर रही है। जीएसटी विभाग की देर रात तक दस्तावेजों को छानबीन करती रही।

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