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Meerut News: भूजल दूषित, फिर अतराडा के लोगों को नहीं मिल रहा है टंकी से पर्याप्त पानी

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12 साल पहले गांव में बनी थी टंकी, रास्तों में ही पानी हो रहा है बर्बाद
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फोटो समाचार.... फोटो 23 मई
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। अतराडा का भूजल दूषित है। इसका खुलासा 12 साल पहले पानी की जांच के बाद हो चुका है। गांव की जनता को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए जल निगम ने 2013 में पानी की टंकी का निर्माण कराया था। गांव के अधिकतर रास्तों पर पानी की पाइप लाइन डाली गई थी। जगह जगह रास्तों पर पानी की पाइप लाइन पर टोंटी लगायी गई थी। वह टोंटी अधिकतर स्थानों से गायब हैं। जिसके कारण गांव अतराडा और बवनपुरा के सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी रास्ते में ही बर्बाद हो रहा है।
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अतराडा गांव काली नदी किनारे बसा है। पास में ही बवनपुरा गांव है। दोनों गांवों की आबादी लगभग 10 हजार है। काली नदी में बहते गंदे पानी से क्षेत्र का भूगर्भ जल दूषित हो गया है। जनता को बीमारियों से बचाने के लिए सरकार ने गांव में एक ट्यूबवैल और पानी की टंकी का निर्माण कराया था। शुरू में सभी घरों तक टंकी का स्वच्छ पानी पहुंचना शुरू हो गया। लेकिन कुछ ही दिनों बाद जल संसाधनों की अनदेखी हो गई और लोगों के घरों तक पानी पहुंचना कम हो गया। लोगों ने अपने निजी सबमर्सिबल लगवाकर पानी की व्यवस्था की है। गांव के तत्कालीन प्रधान देवेंद्र त्यागी का कहना है कि गांव में पाइप लाइन जगह-जगह लीक हो गई है। जल निगम ने घर-घर पानी का कनेक्शन न देकर केवल घरों के बाहर ही टोंटी लगाई थी। ग्राम पंचायत स्तर से भी कई बार लीकेज सही कराई गई। गांव के सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्राम प्रधान जुनैद खान ने बताया कि जल निगम ने ट्यूबवैल व टंकी संचालन के लिए गांव के ही संदीप को रखा हुआ है। जगह जगह टूटी पाइप लाइन से बहते पानी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। पानी का प्रेशर कम होने के कारण गांव के करीब 50 प्रतिशत मकान ऐसे हैं जहां पानी पहुंचता ही नहीं है।
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