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ग्राउंड रिपोर्ट सांसद के आदर्श ग्राम भगवानपुर चट्टावन

Fri, 13 Apr 2018 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने किठौर विधानसभा के गांव भगवानपुर चट्टावन को चार साल पहले गोद लिया था। दो साल में गांव को संतृप्त करना था, लेकिन आज अगर गांव की स्थिति देखें तो गांव में घुसते ही पता चल जाता है कि जिस गांव को आदर्श ग्राम योजना में चुना गया था, वही गांव प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगा रहा है। गांव के टूटे रास्तों पर नाली न होने के कारण जल भराव तो सड़कों के किनारे कूड़े के अंबार लगे हुए हैं।
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ये है आदर्श ग्राम योजना 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के बाद प्रत्येक सांसद को हर साल एक-एक गांव गोद लेकर उसे तमाम सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त कराने का निर्देश दिया था। इसके लिए सांसद निधि के साथ ही सरकारी योजनाओं और सरकारी तंत्र से सहयोग लेते हुए गांव को आदर्श बनाना था। 

सरकारी योजनाओं से दूर 
ग्रामीणों के अनुसार उज्ज्वला योजना का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। नि:शुल्क गैस कनेक्शन के लिए आवेदन तो हुए, लेकिन सूची में नाम नहीं आया। गांव में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, नालियां या तो छोटी हैं या अधिकांश टूट चुकी हैं। 
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ये है गांव की भौगोलिक स्थिति 
गढ़मुक्तेश्वर मेरठ मार्ग पर मेरठ से करीब 17 किमी दूर मेरठ से जाते हुए गांव दांयी और पड़ता है। गांव के भीतर जाने के दो मुख्य मार्ग हैं। ठाकुर जाति बहुल इस गांव की आबादी करीब 3500 है। गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर हैं। 

चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था नहीं
गांव में चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था नहीं है। जबकि गांव के भीतर जो स्वास्थ्य केंद्र है, उस पर सप्ताह में दो दिन तो चिकित्सक आना ही चाहिए। लेकिन यहां कोई नहीं आता है। दलवीर सिंह

मनरेगा में घपला हुआ
मनरेगा में भारी घपला हुआ है। लोगों ने खुद अपने भराव किए, लेकिन मनरेगा में भुगतान के लिए निजी कार्यों को भी शामिल कर दिया गया।  राजपाल सिंह

घटिया सामग्री लगाई
शौचालय निर्माण में बहुत ही घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है। लोहे के जो दरवाजे लगाए गए थे, उनकी चादर इतनी खराब क्वालिटी की थी कि वो गलने लगी है। यही नहीं अधिकांश शौचालय निर्माण के गड्ढे लाभार्थियों ने स्वयं खोदे और कुछ तो शीट भी खराब होने के कारण अपने पैसे से लाए। राजेंद्र सिंह 

राशन कार्ड नहीं बने
पुराने राशन कार्ड जमा कर लिए गए और कई माह हो चुके हैं नये कार्ड अभी तक नहीं दिए गए हैं। राशन कार्ड न होने के कारण हमें राशन भी नहीं मिल रहा है। नीरज तोमर 

कोई काम ऐसा नहीं, जिसे याद किया जा सके
गांव में सांसद पहले आते थे, उन्होंने दो बैंक, विद्युतीकरण आदि कई काम कराये। सिंडिकेट बैंक द्वारा 40 सोलर लाइट भी लगवाई गई। लेकिन अब सांसद ने कोई दूसरा गांव गोद ले लिया है, इसलिए वह यहां नहीं आते हैं। लेकिन गांव में कोई काम ऐसा नहीं हुआ, जिसे याद किया जा सके। पानी की टंकी का निर्माण मेरे कार्यकाल में शुरू हुआ था। लेकिन आज तक सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। विजय सिंह, पूर्व प्रधान 

गंदगी के लिए ग्रामीण दोषी
मनरेगा और शौचालय में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। यह गांव की राजनीति के तहत होने वाली शिकायत हैं। कुछ राशन कार्ड अभी बने नहीं हैं, जिन्हें बनवाने पर जोर दिया जा रहा है। मेरे द्वारा गांव में पानी की लाइन बिछवाई गई है, जिस कारण फिलहाल सड़कें टूटी हुई नजर आ रहीं हैं। एक बार पानी की सप्लाई टेस्टिंग होते ही सड़कों का निर्माण करा दिया जाएगा और जल निकासी की व्यवस्था भी सही हो जाएगी। गंदगी के लिए ग्रामीण खुद भी दोषी हैं, क्योंकि वह अपने घर के आसपास ही गोबर आदि का ढेर लगाकर रखते हैं। अनिल कुमार, ग्राम प्रधान 

ग्रामीण खुद रखें स्वच्छता का ध्यान
मेरे द्वारा गांव में सांसद निधि के साथ ही अन्य स्रोतों से कई काम कराये गए हैं। इनमें विद्युतीकरण, सोलर लाइट, बैंक आदि खुलवाना शामिल है। रही बात गांव की अन्य शिकायतों और भ्रष्टाचार की तो वह ग्रामीणों और प्रधान के बीच का मामला है। ग्रामीणों को गांव की स्वच्छता पर स्वयं ध्यान देना चाहिए। राजेंद्र अग्रवाल, सांसद 
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