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देवोत्थान कल: शुरू होंगे विवाह मुहूर्त, मंदिर में फेरे, मंडप में रिसेप्शन, डेकोरेशन का खर्च एक करोड़

Fri, 31 Oct 2025 03:21 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

देवोत्थान एकादशी के साथ मेरठ में विवाह सीजन की शुरुआत हो रही है। कई जोड़े मंदिरों में फेरे और शहर के बड़े मंडपों में रिसेप्शन कर रहे हैं। कुछ हाई प्रोफाइल शादियों में डेकोरेशन पर ही एक करोड़ रुपये तक खर्च हो रहा है।

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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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एक नवंबर देवोत्थान एकादशी से विवाह सीजन की शुरुआत हो रही है। लोगों ने समारोह की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। पुरानी परंपराएं नए ट्रेंड में लौटने लगी हैं। अब हाई प्रोफाइल जोड़े मंदिरों में फेरे ले रहे हैं और शहर के मंडपों में रिसेप्शन का आयोजन कर रहे हैं। कुछ शादियों में डेकोरेशन का खर्च एक करोड़ और कुल खर्च दो कराेड़ रुपये तक हो रहा है।

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मंडप एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार हाल ही में बाईपास स्थित मंडप में हुए एक सराफ के विवाह समारोह में डेकोरेशन में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ। विवाह स्थल को देशी और विदेशी फूलों व लाइटिंग से सजाया गया। इसमें स्टेज कलाकारों ने गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी।

इवेंट मैनेजर ने टीम के साथ सारी व्यवस्थाएं संभालीं। मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि कुछ लोग सजावट के साथ इवेंट का आयोजन कर विवाह समारोह को खास बना रहे हैं। वे इसके लिए दिल खोलकर पैसा खर्च कर रहे हैं। कुछ समारोह में स्टार नाइट भी होंगी। इसमें टीवी कलाकार, कॉमेडियन, रशियन डांसर्स को भी प्रस्तुति देने के लिए बुलाया जा रहा है।

दो दिन में होंगे 1200 विवाह और मांगलिक आयोजन
देवोत्थान पर शहर में एक नवंबर और दो नवंबर को विवाह और अन्य मांगलिक आयोजन होंगे। विपुल सिंघल ने बताया कि इस बार एक नवंबर को 550 और दो नवंबर को 650 विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। बड़े विवाह समारोह परतापुर और कंकरखेड़ा बाईपास के बीच स्थित मंडपों में होंगे। कुछ आयोजनों का खर्च 50 लाख से दो करोड़ रुपये तक होगा।

विवाह समारोह में होगा फैशन शो
इवेंट ऑर्गेनाइजर अंशुल सिंघल ने बताया कि पुराना ट्रेंड वापस लौट रहा है। अब मंदिरों में फेरे और मंडप में रिसेप्शन आयोजित किए जा रहे हैं। पुरानी परंपरा के अनुसार देवी-देवताओं के सामने विवाह आयोजन दिन में करने की तैयारी की जा रही है। कन्यादान के बाद विदाई होगी। कुछ विवाह आयोजनों में इस बार फैशन शो का भी आयोजन होगा।
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हेलिकॉप्टर से त्रियुगीनारायण मंदिर में फेरे लेने जा रहे जोड़े 
मान्यता है कि उत्तराखंड में त्रियुगीनारायण स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यहां विवाह के बाद जुड़ा बंधन कभी नहीं टूटता। ऐसे में शहर के कुछ जोड़े त्रियुगीनारायण मंदिर में जाकर विवाह करने लगे हैं। गोल्डन पॉम के संचालक सनी अग्रवाल ने बताया कुछ दिन पहले मेरठ के युवक का त्रियुगीनारायण मंदिर के लिए हेलिकॉप्टर बुक कराया गया था। वहां फेरे लेने के बाद बाईपास स्थित मंडप में उन्होंने रिसेप्शन का आयोजन किया।
 
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