रोहटा। जिले के परियोजना निदेशक भानू प्रताप सिंह द्वारा ब्लॉक रोहटा में की गई विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई योजनाओं के लक्ष्य पिछड़े मिले। स्वच्छ भारत मिशन अभियान, गोशाला, मनरेगा, समूह की प्रगति खराब मिली और मनरेगा का भी लक्ष्य संतोषजनक नहीं मिला। परियोजना निदेशक ने बीडीओ रोहटा और ग्राम पंचायतों की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई है।
रोहटा विकास खंड में 42 ग्राम पंचायतें जनपद की आती हैं। इनमें स्वच्छता अभियान, मनरेगा, स्वयं सहायता समूह, गोशाला, तालाब और विकास की अन्य योजनाओं का लक्ष्य काफी दिन से पिछड़ा हुआ है। परियोजना निदेशक भानू प्रताप सिंह शुक्रवार को ब्लॉक कार्यालय में समीक्षा बैठक करने पहुुंचे। रोहटा खंड विकास अधिकारी सुधा आर्य, एडीओ पंचायत विवेकानंद, ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों के साथ परियोजना निदेशक की समीक्षा बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक के दौरान परियोजना निदेशक ने बताया कि रोहटा विकास खंड की ग्राम पंचायतों की स्वच्छ भारत मिशन अभियान, गोशाला, मनरेगा, तालाब निर्माण और स्वयं सहायता समूह की प्रगति काफी खराब मिली। इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत मानव दिवसों का सृजन होना था लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है। परियोजना निदेशक ने बताया कि समीक्षा बैठक में पता चला कि बीडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारी विभिन्न योजनाओं की समय से लक्ष्यपूर्ति को लेकर गंभीर नहीं हैं। जिसके चलते वह जल्द पुन: समीक्षा बैठक करेंगे और योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति में पिछड़े कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करेंगे। इस दौरान बीडीओ सुधा आर्य, एडीओ पंचायत विवेकानंद, मनोज शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, जितेंद्र सिंह, सोनू कुमार, अतुल कुमार, मनीष कुमार, विपिन कुमार, सुनील आदि मौजूद रहे।