बिजनौर। जिले की पंचायतें जीएसटी में हेराफेरी को लेकर संदेह के घेरे में हैं। सीडीओ की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि 96 प्रतिशत ग्राम पंचायतों ने जीएसटी विभाग में पंजीकरण नहीं कराया है। पंचायतों को जीएसटी में पंजीकरण के लिए आखिरी मौका दिया गया है।
जिले में 1123 पंचायतें हैं। सीडीओ पूर्ण बोरा ने विकास भवन सभागार में सभी 11 ब्लाॅक के सहायक विकास अधिकारियों की पंचायत की मामले में समीक्षा बैठक की। पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। विकास कार्यों के लिए खर्च किए गए पैसे पर जीएसटी भुगतान करना होता है। मगर जीएसटी विभाग में पंजीकृत नहीं होने से पंचायत जीएसटी जमा नहीं कर रही हैं। जिले में 45 पंचायतों ने ही जीएसटी में पंजीकरण कराया है। 96 प्रतिशत पंचायतों ने जीएसटी में पंजीकरण ही नहीं कराया है। इस तरह पंचायत शासन को करोड़ों का सालाना नुकसान पहुंचाने के संदेह के घेरे में आ गई है।
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पंचायतों में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को खर्च धनराशि पर 20 प्रतिशत जीएसटी जमा करना है। शासन से खर्च के नियम तय है। सभी पंचायत 15 दिन में जीएसटी विभाग में अपना पंजीकरण करा लें। पंजीकरण नहीं कराने पर पंचायतों व संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई तय है। - पूर्ण बोरा, सीडीओ, बिजनौर