खरखौदा। लोहियानगर स्थित गोआश्रय स्थल पर मंगलवार को चार गोवंशों की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर है। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भूख प्यास से गोवंश के मरने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। एसडीएम ने लापरवाही के चलते पशुओं की मौत होना स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री की सख्ती को देखते हुए दो दिन से प्रशासनिक अधिकारी जिले के गोआश्रय स्थलों और गोशालाओं पर खुद जांच कर रहे हैं। सोमवार को एडीएम प्रशासन रामचंद्र ने खरखौदा कस्बा व लोहियानगर सब्जी मंडी में बनाए गए गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। लोहियानगर के गोआश्रय स्थल में करीब 109 गोवंश हैं। बीडीओ खरखौदा राजीव वर्मा की देखरेख में पांच माह से यह संचालित है। यहां पशुओं की सही देखरेख, समय से चारा व पानी की व्यवस्था न होना, पशुओं के लिए छांव की व्यवस्था न होने, समय पर इलाज न मिलने के कारण लगातार पशुओं की मौत हो रही थी। सोमवार बारिश के बाद यहां जलभराव हो गया। इसके बाद यहां से इन पशुओं को निकालकर सूरजकुंड गोशाला भेजा गया। मंगलवार को जब लोग मंडी पहुंचे तो चार गोवंशों की मौत हो चुकी थी। वहीं करीब 12 पशुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसकी सूचना पर बजंरग दल के महानगर संयोजक मधुबन आर्य कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बाद में एसडीएम सदर सुनीता सिंह, डीडीओ वीके सिंह सहित बीडीओ खरखौदा व पशु पालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जांच का आश्वासन देकर शांत कराया।
-------------
स्वस्थ थे पशु
सोमवार को मेरी देखरेख में ही पशुओं को यहां से निकालने का काम शुरू हुआ था। सभी पशु स्वस्थ थे, लेकिन मंगलवार को चार पशुओं की मौत हो गई, मामला गंभीर है। इसलिए मामले की जांच कर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। -सुनीता सिंह, एसडीएम सदर
जांच कराई जाएगी
पशुपालन विभाग की तरफ से प्रत्येक गोआश्रय स्थल पर जांच के लिए टीम लगाई गई है। यहां प्रतिदिन टीम जांच के लिए जा रही है, इसके बाद भी पशुओं की मौत हो गई। मामले की जांच कराई जाएगी। -आरके सिंह, कार्यवाहक सीवीओ मेरठ
दो निलंबित, तीन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
मेरठ। विकास खंड खरखौदा के ग्राम जाहिदपुर में मंडी समिति में स्थापित अस्थायी गौआश्रय स्थल में तीन गौवंशों की मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने जांच कराई। जांच में लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
जिलाधिकारी ने इस मामले में उपजिलाधिकारी सदर और परियोजना निदेशक डीआरडीए को मौके पर भेजकर गौ आश्रय स्थल की जांच कराई। जांच में पशुपालन विभाग द्वारा बीमार पशुओं की चिकित्सा में लापरवाही तथा पंचायत विभाग की ओर से लगाये गये सफाई कर्मियों द्वारा गौवंश की देख-रेख में शिथिलता बरता जाना सामने आया। इसके साथ ही समय से उच्चाधिकारियों को सूचना न देने का दोषी पाया गया। जिस पर जिलाधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारी बिजेंद्र प्रताप सिंह यादव तथा पशुधन प्रसाद अधिकारी अनिल कुमार एवं देवेंद्र कुमार के विरूद्ध कार्यवाही करने व पंचायतराज विभाग के दो सफाई कर्मचारियों नितिन व सर्वेश के निलंबन की कार्यवाही तथा प्रकरण के संबंध में खंड विकास अधिकारी खरखौदा राजीव कुमार वर्मा से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जाहिदपुर के अस्थायी गौश्रय स्थल से पशुओं को परतापुर स्थित स्थायी गौआश्रय स्थल पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिये गये हैं। जबकि बीमार पशुओं को उपचार हेतु सूरजकुंड स्थित पशु चिकित्सालय में भेजा गया है। वहीं जनपद में स्थित निराश्रित गौआश्रय स्थलों के निरीक्षण हेतु 12 जिला स्तरीय अधिकारियों की डयूटी लगायी गयी है। जो अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंपेंगे।