प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक कानून व्यवस्था से नाखुश हैं। उनका कहना है कानून व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। उन्होंने सरकार पर सीधे सख्त टिप्पणी नहीं की। खुद पर हुए जुबानी हमले का भी जवाब नहीं दिया।
राज्यपाल मंगलवार को यहां चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करने आए थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। प्रदेश में चल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सदस्यों की खरीद फरोख्त के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार का काम है। वह इसे देखे। अभी चुनाव में दो दिन बचे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इनमें नियम से काम होगा।
सूबे की कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। यह निरंतर होना चाहिए। शिवपाल यादव द्वारा उन पर किए गए जुबानी हमले, जिसमें कहा था कि राज्यपाल को कुर्सी छोड़कर पार्टी ज्वाइन कर राजनीति करनी चाहिए, इस सवाल का उन्होंने जवाब नहीं दिया। राज्यपाल ने कहा यह राजनीतिक बयान हैं। वह शिवपाल यादव और आजम खान के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के सवाल का भी उन्होंने जवाब नहीं दिया। राज्यपाल कुलपति प्रो. एनके तनेजा के आवास पर गए। रविवार को कुलपति की माता का निधन हो गया था। विवि के गेस्ट हाउस में एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।