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Meerut News: अफसरों के आवास पर खाली जमीन को बनाए सरकार की लैंडमार्क

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मेरठ। कमिश्नर, डीएम-एसएसपी, एडीएम प्रशासन, पीडब्ल्यूडी व सिचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सहित सरकारी अफसरों के आवास पर खाली पड़ी जमीन पर प्रदेश सरकार लैंडमार्क बना दिया जाए। नौचंदी मेले के उद्धाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को न्योता न देने, मोदी रबर फैक्टरी और गांधी आश्रम की जमीन का मामला लखनऊ में प्राक्कलन समिति में उठाया गया। इन प्रकरण में समिति ने अपने-अपने सुझाव मांगे है।
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लखनऊ में प्राक्कलन समिति की मंगलवार और बुधवार को बैठक हुई। जिसमें एक बैठक प्राक्कलन समिति की नगर विकास विभाग के साथ हुई है। जिसमें नौचंदी मेला उद्धाटन के कार्यक्रम में राज्यमंत्री, सांसद, विधायक सहित किसी भी जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों ने नहीं बुलाया है। 15 दिन में नगर विकास विभाग इस संबंध में अपना जवाब प्राक्कलन समिति को दें। दूसरी बैठक में प्राक्कलन समिति राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ हुई है। प्राक्कलन समिति के सदस्यों ने मेरठ में सिविल लाइन इलाके में कमिश्नर, डीएम-एसएसपी, एडीएम प्रशासन, सिचाई विभाग के चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर सहित कई अधिकारियों के आवास पर खाली पड़ी जमीन को लेकर चर्चा की। समिति के सामने प्रस्ताव रखा है कि अफसरों के आवास पर खाली पड़ी जमीन को सरकार लैंडमार्क बना दें। यानी इस जमीन पर सरकार अन्य योजना बनाकर जमीन का इस्तेमाल कर सकें। मोदीपुरम स्थित मोदी रबर फैक्टरी में करीब 117 एकड़ जमीन है। जिसमें काफी जमीन खाली पड़ी है। खाली पड़ी जमीन को डीएम अपने कब्जे में लेकर सरकार में निर्हित करें। गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जे हो रहे हैं। इस पर प्रदेश स्तर पर एक कमेटी गठित कर 15 दिन में प्राक्कलन समिति को रिपोर्ट दें।
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