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Meerut News: नगर पंचायत खिवाई के गठन के आठ साल बाद भी नहीं हुआ सरकारी भूमि का चयन

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- सरकारी जमीनों के सीमांकन को लेकर नगर पंचायत खिवाई ने फिर लिखा पत्र
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- सरकारी जमीनों का रिकॉर्ड नहीं, विकास कार्यों में आ रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पंचायत खिवाई के अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम सरधना को पत्र भेजकर निकाय क्षेत्र में स्थित सरकारी एवं नगर पंचायत की भूमि का चिह्नांकन और पैमाइश कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर पंचायत के गठन के आठ वर्ष बाद भी सरकारी संपत्तियों का विधिवत चिह्नांकन नहीं हो सका है, जिससे विकास कार्यों और अतिक्रमण हटाने में दिक्कतें आ रही हैं।
अधिशासी अधिकारी हरि नारायण सिंह ने पत्र में बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए अक्सर नगर पंचायत से भूमि उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन भूमि का स्पष्ट रिकॉर्ड और चिह्नांकन न होने के कारण उपलब्धता की जानकारी देना संभव नहीं हो पाता। वहीं, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले भी लगातार सामने आते हैं। जब नगर पंचायत ऐसे कब्जों का विरोध करती है तो संबंधित लोग जमीन पर अपना मालिकाना हक जताने लगते हैं। भूमि का सीमांकन और अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण प्रभावी कार्रवाई में बाधा आती है।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में राजस्व विभाग की ओर से सरकारी भूमि के खसरा नंबर तो उपलब्ध कराए गए, लेकिन उनका मौके पर चिह्नांकन और नजरी नक्शा नगर पंचायत को उपलब्ध नहीं कराया गया।
अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम से मांग की है कि निकाय क्षेत्र की सरकारी और नगर पंचायत की संपत्तियों का चिह्नांकन एवं पैमाइश कराने के लिए राजस्व टीम गठित की जाए तथा नजरी नक्शे उपलब्ध कराए जाएं।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना है कि नायब तहसीलदार सरूरपुर, राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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