मेरठ। लॉकडाउन में महंगी मजदूरी होने और गन्ना मूल्य बकाया भुगतान नहीं होने के चलते किसानों को दोहरी मार सहनी पड़ रही है। मंडल के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर 2530 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। सरकार बकाया भुगतान कराने की बजाए किसानों को तीन बोरी चीनी खरीदने की सलाह दे रही है। सरकार का कहना है कि किसान चालू रेट पर चीनी खरीदकर बाद में बढ़े रेट पर बेचकर लाभ कमा सकते हैं, लेकिन किसानों का कहना है उन्हें चीनी नहीं, गन्ना मूल्य भुगतान चाहिए। किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है।
हर साल की तरह इस साल भी प्रदेश की शुगर इंडस्ट्री गन्ना मूल्य भुगतान को दबाने में लगी है। मंडल की मिलों ने खरीदे गए गन्ने के सापेक्ष केवल 38 फीसदी गन्ने का ही भुगतान किया है। इन मिलों पर 2530 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। किसानों को गेहूं कटाई, गन्ना बुवाई और गन्ना छिलाई के लिए मजदूरी देने को पैसा चाहिए। गन्ना बकाया भुगतान नहीं मिलने से किसान न तो मजदूरी के पैसे दे पा रहा है और न ही खाद व बीज आदि ही खरीद पा रहा है। ऐसे में किसान के सामने वित्तीय संकट के चलते नई फसल की बुवाई का भी संकट खड़ा हो गया है।
सरकार दे रही तीन बोरी चीनी खरीदने का सुझाव
किसान सरकार से गन्ना बकाया भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने किसानों के सामने तीन बोरी चीनी खरीदने का सुझाव रखा है। यह बोरी किसानों को अप्रैल से जून तक हर महीने एक-एक बोरी के हिसाब से खरीदनी होगी। चीनी वर्तमान दर पर मिलेगी। सरकार का कहना है कि जून के बाद चीनी के रेट में होने वाली बढ़ोतरी का फायदा किसानों को मिलेगा। तीन बोरी चीनी पर किसान कम से कम 1400 रुपये मुनाफा कमा सकेंगे।
वीएम सिंह ने किया चीनी खरीद सुझाव का विरोध
किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने सरकार के किसानों को तीन बोरी चीनी खरीदने के सुझाव का विरोध किया है। उनका कहना है कि 10 क्विंटल गन्ने में एक बोरी चीनी आएगी। 315 रुपये क्विंटल के हिसाब से 10 क्विंटल गन्ना 3150 रुपये का है। किसान को 3150 रुपये की चीनी की बोरी पर 157 रुपये जीएसटी देनी होगी। जीएसटी का पैसा प्रदेश सरकार के कोष में जाएगा। 157 रुपये जीएसटी घटा दें तो बोरी 2993 रुपये की हुई। यानी किसान को गन्ना रेट 315 की बजाय 299 रुपये मिलेगा।
150 लाख बोरी बेचने का लक्ष्य
सरकार ने किसानों को 150 लाख क्विंटल चीनी बेचने का लक्ष्य रखा है। जारी पत्र के अनुसार प्रदेश में 50 लाख गन्ना किसान हैं। एक-एक क्विंटल की तीन बोरी चीनी खरीदे जाने के हिसाब से 150 लाख बोरी और 50 किलोग्राम के चीनी बैग के हिसाब से 300 लाख बैग बिक्री होंगे।
अप्रैल से जून तक किसानों को तीन बोरी चीनी खरीदे जाने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसान इस चीनी को महंगी होने पर बेचकर मुनाफा कमा सकें। चीनी खरीदे जाने की अनिवार्यता नहीं है। किसानों का गन्ना पेमेंट कराने के लिए मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। - राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, मेरठ