लोहियानगर में दोपहर करीब दो बजे कुछ लोग एक जीप में काफी संख्या में फाइलें लेकर पहुंचे। इन फाइलों का सड़क किनारे सूखे नाले में ढेर लगाया और इनमें आग लगा दी। इस बीच ग्रामीणों ने इनमें से कुछ फाइलों को जलती आग से निकाला। कृभको और सहकारी समितियों की इन फाइलों में लाखों का लेनदेन दर्ज है। खास बात यह है कि फाइलें ज्यादा पुरानी नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह बड़ा खेल किया गया। इन फाइलों को डीएम को सौंपकर जांच कराने की मांग की जाएगी।
यह वाकया लोहियानगर के उधम सिंह चौक के पास हुआ। इन फाइलों के ढेर में आग लगाने के बाद ये लोग यह सोचकर वहां से जीप लेकर निकल गए कि सभी फाइलें राख हो जाएंगी। लेकिन तभी वहां से गुजरे कुछ ग्रामीणों की निगाह धूं-धूं जलती इन फाइलों पर पड़ी तो वे ठिठक गए। विकास कुमार, रोहित गुर्जर आदि ग्रामीणों ने इनमें से कुछ अधजली तो कुछ पूरी फाइलें बाहर निकाल लीं। ये फाइलें कृभको, जिला सहकारी बैंक एवं कई सहकारी समितियों की हैं। यह लाखों के लेनदेन की फाइलें हैं। बकाया पत्र हैं। लेजर आदि हैं। अमर उजाला के पास इन फाइलों के अवशेष हैं। माना जा रहा है कि यह किसी बड़े गड़बड़झाले की परिणति है। ग्रामीणों के मुताबिक ये फाइलें फूंकने वाले अधिकारी थे। इन फाइलों को डीएम के पास ले जाने की बात कही जा रही है।
कोई दस्तावेज नहीं जला
सहकारी बैंक से कोई दस्तावेज नहीं जलाया गया है। बीस साल पुराने दस्तावेज अवश्य डेड घोषित कर दिए गए थे, जिन्हें सहारनपुर के एक ठेकेदार को नीलाम किया गया। यहां के नए दस्तावेजों का कोई प्रकरण हमारा हो ही नहीं सकता। वैसे भी दस्तावेज कृभको के लग रहे हैं।- जयवीर सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक
हमारा रिकॉर्ड सुरक्षित
हमारे दस्तावेज नहीं हैं। हमारा तो सारा रिकॉर्ड सुरक्षित हैं। हमारे यहां से तो इस तरह के दस्तावेज जा भी नहीं सकते हैं।- सतीश शर्मा, सचिव जिला सहकारी बैंक
मेरे संज्ञान में नहीं
मेरी जानकारी में तो ऐसा कोई मामला नहीं आया है। ऐसा तो नहीं हो सकता है। मैं तो जिले पर काम कर रहा हूं। मंडल स्तर पर कुछ हुआ हो तो हुआ हो।- यशवीर राणा, एरिया मैनेजर कृभको