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अलविदा आईपीसी :164 साल बाद लागू हुआ नया कानून

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कोतवाली देहात थाने में नए कानून का पोस्टर चस्पा कर धाराओं की जानकारी देते प्रभारी निरीक्षक। स्र
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-रात 12 बजे से भारतीय न्याय संहिता को लागू किया गया, अब नई धाराओं में दर्ज होगी रिपोर्ट
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-फिलहाल नए कानून की धाराओं को याद करने में जुटे हैं पुलिस अफसर और निरीक्षक
-थाना प्रभारी बोले, कुछ दिनों तक साथ रखनी पड़ेगी नए कानून की किताब

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ब्रिटिश सरकार की ओर से भारत में लागू भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 164 साल बाद अलविदा हो चुकी है। आधी रात से नया कानून, भारतीय न्याय संहिता लागू कर दिया गया। अब नए कानून के हिसाब से नई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएंगी। उधर, नए कानून की धाराओं को याद करने के लिए थानेदार, दरोगा और मुंशी रट्टा मार रहे हैं। हालांकि इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है और परीक्षा भी ली जा चुकी है, मगर धाराओं को याद करने में अभी वक्त लगेगा।
रविवार को शहर कोतवाली में पाठशाला लगी, जिसमें थाना प्रभारी उदय प्रताप शिक्षक की भूमिका में नजर आए। जो कि विवेचकों और दरोगाओं को नए कानून का पाठ पढ़ा रहे थे। वहीं, एफआईआर लिखने वाले मुंशी को भी हिदायत दी कि अपने पास नए कानून और धाराओं की किताब रख लो। बताया कि तीस जून के बाद होने वाली घटनाएं नई धाराओं पर दर्ज होगी। हालांकि अगर कोई घटना तीस जून की आधी रात से पहले की है तो वह पुराने कानून के लिहाज से ही दर्ज की जाएगी। थाना प्रभारी उदय प्रताप ने बताया कि जब तक धाराएं याद नहीं हो जातीं, तब किताब अपने पास रखेंगे। कुछ ऐसा ही माहौल थाना कोतवाली देहात में दिखा, जहां प्रभारी निरीक्षक रविंद्र वशिष्ठ ने दरोगाओं को नए कानूनों की जानकारी दी और लोगों को भी जागरूक करने के लिए कहा।
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143 पुलिसकर्मियों को देनी पड़ी परीक्षा
नए कानून को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। अब शनिवार को पुलिस लाइन में इसके लिए बाकायदा परीक्षा भी आयोजित की गई। इसमें निरीक्षक, दारोगा और शाखा प्रभारियों समेत 143 पुलिसकर्मियों की परीक्षा ली। प्रश्नपत्र में पचास सवाल पूछे गए थे, जिसे पुलिसकर्मियों को फोरेंसिक साइंस एवं क्राइमसीन इंवेस्टिगेशन पर जानकारी दी गई। फोरेंसिक जांच करते वक्त वीडियो बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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वर्जन::
आधी रात 12 बजे से नया कानून लागू हो गया है। हालांकि जो घटनाएं तीस जून की आधी रात से पहले की होंगी, उन्हें पुरानी धाराओं में ही दर्ज किया जाएगा। एक जुलाई को होने वाली घटनाएं नए कानून के अनुसार दर्ज होंगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
....नीरज कुमार जादौन, एसपी
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