मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से फरार होने वाले स्नेचर गिरोह के सरगना आकाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस शातिर लुटेरे ने पूछताछ में फिर से मुठभेड़ की पोल खोल दी। बताया कि पुलिस की गोली का मामूली सा जख्म था। वह अस्पताल से हथकड़ी निकालकर आराम से निकला था। करीब चार किलोमीटर तक पैदल चला। उसके बाद एक वाहन से बुलंदशहर पहुंच गया था। फजीहत होने के डर से पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
गंगानगर पुलिस ने शातिर लुटेरे आकाश तोमर उर्फ बिट्टू निवासी जयदेवी नगर नौचंदी को बीती शनिवार रात मुठभेड़ के बाद दबोचा था। उसके पैर में पुलिस की गोली लगी थी। उपचार के लिए उसे मेडिकल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उसकी निगरानी में गंगानगर थाने का सिपाही अंकित और होमगार्ड शिवकुमार तैनात थे। पैर में गोली लगने के करीब छह घंटे बाद ही रविवार तड़के आकाश दोनों को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद सवाल उठे थे कि आखिर पुलिस ने मुठभेड़ में ऐसी कौन सी गोली मारी, जो लुटेरा मेडिकल से टहलते हुए निकल गया था।
सर्विलांस से मिली सफलता
पुलिस के अनुसार आकाश का मोबाइल फोन सर्विलांस पर था। क्राइम ब्रांच और गंगानगर पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन के आधार पर आकाश को सोमवार सुबह बुलंदशहर के औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया। वह अपने मौसी के घर पहुंच गया था, जहां उसका सगा भाई भी रहता है। आकाश ने अपने परिवार को इसकी सूचना फोन पर दी थी, जिससे पुलिस वहां तक पहुंची। हालांकि, पुलिस ने लिखापढ़ी में आकाश को गढ़ रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया है। डीआईजी अखिलेश कुमार के मुताबिक सिपाही को सस्पेंड करने के साथ ही होमगार्ड को बर्खास्त करने की रिपोर्ट भेजी गई है। आरोपी आकाश पर एक और केस दर्ज किया गया।
मैं हथकड़ी निकालकर भागा था
पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश ने होमगार्ड को चाय लाने भेजा था। उसके जाते ही आकाश ने दर्द उठने का बहाना बनाकर सिपाही को डॉक्टर बुलाने भेज दिया था। इस दौरान आसानी से हथकड़ी निकालकर वह फरार हो गया था।
गर्भवती पत्नी के लिए पैसे का इंतजाम करना था
आरोपी आकाश ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने उसको पकड़कर गोली मार दी। उसको पत्नी के इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करना था। इसको देखते हुए उसने भागने की प्लानिंग बनाई थी। पुलिस ने इसकी जांच की, जिसमें आकाश की बात सही निकली। वाकई उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थी।
कॉल करने में फंस गया आकाश
पुलिस कस्टडी से भागने के बाद आकाश ने एक व्यक्ति से फोन लिया था। उसने अपने परिजनों को फोन कर भागने की बात कही। कहा कि वह अपने मौसी के घर अपने भाई के पास जा रहा है। जहां पर उनको बोल देना कि वह इंतजाम कर लें। पुलिस ने आकाश के परिजनों को हिरासत में लिया तो उसका पता चला। बुलंदशहर जाने के बाद आकाश ने फिर कॉल की। जिससे उसकी सटीक लोकेशन पुलिस को मिल गई।
मामूली सी चोट थी
मुठभेड़ में पुलिस अपराधी को कैसी गोली मारती है, इसकी पोल खोलकर आकाश जेल चला गया। आकाश ने बताया कि गोली लगने पर पैर में कुछ महसूस ही नहीं हुआ। ऐसा लगा कि जैसे मामूली चोट लगी हो। मैंने बुलंदशहर जाकर पैर में बंधी पट्टी को खोला, तो मांस में हल्का सा जख्म था। अस्पताल से भागने के बाद वह करीब चार किमी तक पैदल भी चला। लेकिन दर्द नहीं हुआ। बताया कि उसके पकड़ने के बाद पैर के मांस में गोली मारी थी। डॉक्टरों ने जख्म ज्यादा नहीं बताया।