मेरठ में घरेलू सराफा बाजार में सोने की मांग घटने के बाद भी कीमतों में भारी अंतर नहीं आया है। मई में एक बार फिर सोने की कीमतों ने पांच साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। 2013 में सोने की कीमतें 28 हजार से बढ़कर सीधे 30 हजार पहुंची थी। तीन मई को दोबारा सोने के दाम 32 हजार पर पहुंच गए। घरेलू कारोबारियों की मांग घटने के कारण बाजार में एक ओर सोने की कीमतों में 130 रुपये की गिरावट आई, लेकिन यह गिरावट ग्राहकों को लाभ देने में बेअसर है। पीक साया होने के बाद भी सोने की मांग में उछाल नहीं आ रहा। इसका बड़ा कारण बढ़ती कीमतें हैं। शहर में आबूलेन सराफा बाजार, सदर सराफा, नीलगली सराफा बाजार, सेंट्रल मार्केट सराफा बाजार, शहर सराफा प्रमुख सराफा बाजार हैं।
निवेशक, ग्राहक मोड़ रहे बाजार से मुंह
सोने की कीमतों में आ रहा लगातार उछाल छोटे ग्राहकों और छोटे निवेशकों दोनों के लिए मुसीबत बन रहा है। छोटा ग्राहक बजट के बाद पीली धातु की कीमतों में बड़े परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठा है। हजार रुपये तक दाम गिरे और ग्राहक जेवर खरीदे। साया होने के कारण लोगों की यह जरूरत और भी अधिक है। लेकिन स्थानीय बाजार में कीमतों में बड़ी गिरावट न आने से छोटा ग्राहक बाजार से हट चुका है।