इंडियन बुलियन ट्रेड कॉरपोरेशन के निदेश आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 29 जनवरी को चांदी का भाव जब 4.17 लाख रुपये था। तब बड़े निवेशको ने मुनाफा वसूली की। फिजिकल डिमांड में कमी आई। ऐसे में भाव गिर गए और लोगों के 250 करोड़ रुपये तक डूब गए।
सराफ व्यापारी आधार मांगलिक ने बताया कि चांदी की खरीद सिर्फ निवेश के उद्देश्य से हुई। जब चांदी महंगी थी तब भी खरीदारी हुई और अब भी खरीदारी हो रही है। हालांकि चांदी का भाव कुछ समय बाद बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है।
बुलियन एंड ज्वेलर्स के महामंत्री डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि सोना-चांदी के रेट काफी बढ़े हैं। यह स्थिति तब है जब कई देशों के बीच युद्ध चल रहा है। अमूमन माना जाता है कि युद्ध में भाव गिरते नहीं हैं। 29 जनवरी से 31 जनवरी तक लोगों ने जमकर चांदी खरीदी।
सराफ व्यापारी संजीव जिंदल ने बताया कि उनके एक जानकार की जमीन बिकी थी तो कुछ पैसा उसने चांदी में निवेश किया लेकिन अचानक चांदी के भाव गिर गए और उसका पैसा आधा रह गया। आईटी प्रोफेशनल मोहित ने बताया कि आधा किलो चांदी खरीदी थी लेकिन भाव गिरने के कारण तुरंत बेच दी। इसके बाद भी काफी नुकसान हुआ। भाव लगातार गिर रहे हैं। अब लग रहा है कि अच्छा किया तब बेच दी कम नुकसान हुआ।
बाजार विशेषज्ञ संजीव गुप्ता ने बताया कि सोना चांदी ही नहीं बाजार में एतिहासिक उतार चढ़ाव जारी है। बजट आने के बाद बाजार गिरा। सोमवार को शेयर बाजार में तेजी दिखी। सेंसेक्स 943 अंक उछलकर 81,666 के ऊपर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 25,088 के स्तर पर पहुंचा।
रिलायंस और ऑटो शेयरों में मजबूती के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग 5 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। ऐसे में मेरठ के उद्योग सेमीकंडक्टर और बैटरी उद्योग से जुड़े उद्यमियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर निर्माण में एतिहासिक निवेश किया गया है।