मेरठ में गोकशी की घटना को रोकने के लिए लिसाड़ीगेट क्षेत्र में पुलिस के दावे हवा में उड़ गए। पुलिस चौकी से आधा किमी की दूरी पर एक मकान में गोकशी की घटना ने पुलिस अफसरों के होश उड़ा दिए। दस मिनट तक पुलिस तमाशबीन बनी रही, बाद में गोतस्कर पुलिस पर फायरिंग करते हुए दीवार फांदकर फरार हो गए। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
घटना शनिवार सुबह पौने सात बजे की हे। ईदगाह गोल्डन कालोनी में शहजाद के मकान के बाहर पिछले डेढ़ साल से लिखा था कि यह मकान बिकाऊ है। मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि शहजाद के मकान में गोकशी की जा रही है। सूचना पर समर गार्डन चौकी इंचार्ज फैंटम पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बाहर से दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो दरवाजा नहीं खुला।
दस मिनट तक पुलिस चारों तरफ चक्कर काटती रही। जैसे ही सिपाही और दरोगा दीवार पर चढ़ने लगे तो अंदर से गो तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। गो स्तकरों ने करीब पांच-छह राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक सिपाही बाल बाल गचा। घटना के बाद आरोपी दूसरे मकान की तरफ कूदकर फरार हो गये। अंदर गोवंश कटा हुआ था। पुलिस पर फायरिंग की सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट राशिद अली फोर्स के साथ पहुंचे।
पुलिस ने मौके पर पशु चिकित्सक को भी जांच के लिए बुला लिया। प्रथम दृष्टया और जांच पड़ताल के बाद गाय के मीट की पुष्टि हुई। पुलिस ने मीट को कब्जे में लेकर मिट्टी में दबा दिया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट ने बताया कि पुलिस ने शहजाद उसके भाई मोनू पुत्र मोहम्मद अय्यूब और सरफराज पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी ईदगाह गोल्डन कालोनी के खिलाफ जानलेवा हमला, गोवंश कटान की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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